श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अनूपपुर। जिले में पांच हाथियों का समूह दो अलग-अलग हिस्सों में बंटकर निरंतर तांडव मचा रहे हैं जिससे हाथी प्रभावित क्षेत्र के पांच से दस किलोमीटर की दूरी पर बसे ग्रामीण रात- रात भर जागकर रात बिताने को मजबूर हैं। सोनमौहरी एवं सेंदुरी के बीच जंगल के नजदीक ग्रामीण अंचलों में पहुंच रहा है।
हाथियों का समूह विगत 127 दिनों से जिले में हैं
छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को पार कर आए पांच हाथियों का समूह जैतहरी एवं अनूपपुर इलाके में निरंतर तांडव मचा रहे हैं। तीन हाथियों का समूह विगत 127 दिनों से जिले में हैं।
चार से अधिक ग्रामीण घायल हो चुके
एक दंतैल आक्रमक हाथी के हमले से दो तथा एक दांत वाले हाथी के द्वारा दीवाल तोड़ने से घायल एक व्यक्ति,एक हाथी से वृद्ध अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है जबकि चार से अधिक ग्रामीण हाथियों की हमले से घायल हो चुके हैं।
अनूपपुर डीएफओ स्वयं रात- रात भर जाग कर हाथियों के विचरण पर निगरानी रख रहे हैं। एक दंतैल हाथी से शनिवार रात कई राहगीर बाल- बाल बचे।
पहुंचा रहे हैं फसलों को नुकसान
20 दिनों से निरंतर वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील जैतहरी के ग्राम पंचायत पड़रिया,कुकुरगोंड़ा एवं क्योंटार से लगे धनगवां बीट के जंगल में ठहरा हुआ है जो रात होते ही जंगल से निकल कर ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर ग्रामीणों के खेत बाड़ी एवं में लगे एवं रखें फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
आमापानी,कोलारधार एवं आसपास की जंगलों में हैं
यह हाथी भलुवान टोला,पडमनियाटोला,चौकी टोला,पडरिया के छह लोगों के खेत एवं बांड़ियो में लगे फसलों को नुकसान पहुंचाया है। जबकि एक दंतैल बडाउ हाथी जो 21 अप्रैल को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से जिले के जैतहरी तहसील एवं वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा अंतर्गत धनगवां बीट के सरईहा एवं उसके आसपास के जंगल में था दो दिन से अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर दिन एवं रात के समय आमापानी,कोलारधार एवं आसपास की जंगलों में हैं।
महुआ फल बीन रहे ग्रामीण पर हमला
चार हाथियों का यह दल विगत दो दिनों से रात के समय जंगल के बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं एक अकेला आक्रामक गुस्से वाला दंतैल हाथी जो तीन अप्रैल को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र मरवाही के वन बीट शिवनी के ग्राम पंचायत पोड़ी अंतर्गत डडिंया गांव के जंगल में एक 55 वर्षीय पुरूष जो जंगल के अंदर सुबह होने पर महुआ फल बीनने गया था।
अब तक कई लोगों को बनाया निशाना
हमला कर मृत करने बाद दिनभर जंगल में व्यतीत कर देर रात गुजरनाला से सीमा पार कर जैतहरी इलाके के धनगवां बीट के जंगल में एक दिन ठहरने बाद से निरंतर 29 दिनों से वर्तमान समय तक अनूपपुर वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील के ग्राम पंचायत सोनमौहरी एवं सेंदुरी के बीच जंगल में दिन में जंगल के नजदीक ग्रामीण अंचलों में पहुंच रहा है। इस आक्रामक हाथी के द्वारा 26 एवं 30 अप्रैल को दिन के समय एक महिला एवं एक युवती पर हमला कर मार चुका है तथा तीन अन्य लोगों को घायल कर चुका है।
एक बोरी धान का कोढा़ निकाल कर खाया
हाथी शनिवार रात ग्राम पंचायत सोनमौहरी के वार्ड क्रमांक एक निवासी रामसहायसिंह के कच्चे घर में दो दिनों तक हमला कर घर के अंदर रखे विभिन्न तरह के अनाजों के साथ केला एवं गन्ना की फसल को आहार बनाया। बताया गया मानसिक रूप से विक्षिप्त 55 वर्षीय चमानाबाई इधर-उधर घूम कर गुजर बसर करते हुए रात के समय रामसहाय के यहां कच्चे मकान के परछीनुमा कमरे में रहती हैं के कमरे में इस हाथी द्वारा सूढ़ से सूंघकर उसे बाल- बाल बचाते हुए एक बोरी धान का कोढा़ निकाल कर खाया और आंगन में फैलाया।
विभिन्न तरह की फसलों को आहार बनाया
इस हाथी के द्वारा ग्राम छुलहा के रेल्वे स्टेशन के पास के निवासी राम सिंह एवं अन्य लोगों के खेतों में लगे विभिन्न तरह की फसलों को आहार बनाया है। शनिवार की शाम यह हाथी दूसरे दिन जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर स्थित सोनमौहरी बीट के बांस प्लांटेशन के जंगल में ठहरकर आहार की तलाश में सेंदुरी से सोनमौहरी को जाने वाले मुख्य मार्ग पर बार-बार निकल कर विचरण करता रहा।
मोटरसाइकिल से आवागमन कर रहे लोग
पूरी रात में चार-पांच राहगीर जो मोटरसाइकिल से आवागमन कर रहे थे बाल बाल बचे।डीएफओ डेविड वेंकटराव वन विभाग के एसडीओ प्रकाश पखाले, वन परिचित अधिकारी विवेक मिश्रा अधिकारी अहिरगवां अजेन्द सिंह,वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर शशिधर अग्रवाल एवं वन विभाग के गश्ती दल, ग्रामीणों के सहयोग से स्वयं रात-रात भर जाग कर इस आकोर्षित एवं खतरनाक हाथी पर नाइट वीजन डोन कैमरे से हाथी पर निगरानी रखे हैं।










