श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- सीधी। जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर अमिलिया में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती रैली के दौरान शुरू हुआ विवाद हिंसक बवाल में बदल गया। नकाबपोशों की भीड़ ने मनी शुक्ला के घर में घुसकर हमला किया और बाद में थाने पर धावा बोल दिया। इस घटना में एक ही परिवार के 4 लोग और 2 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
घटना की जानकारी लगते ही कलेक्टर विकास मिश्रा और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी मौके पर पहुंच गए। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अमिलिया, बहरी और कमजी थाना पुलिस बल सहित पुलिस लाइन से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
अमिलिया बाजार को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और थाना परिसर सहित चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। आने-जाने वाले लोगों की वीडियोग्राफी की जा रही है और पुलिस नकाब पहनकर हमला करने वालों को चिह्नित कर रही है।
बोलेरो हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी और हमला

बता दें कि रैली के दौरान रास्ते में खड़ी बोलेरो हटाने को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी दौरान गाड़ी में तोड़फोड़ हुई और मनी शुक्ला के विरोध के बाद मामला हिंसा में बदल गया। विवाद बढ़ने पर करीब 50 नकाबपोश हमलावर 22 वर्षीय मनी शुक्ला के घर में घुसे और पथराव करते हुए मारपीट की।
हमले में मनी शुक्ला गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, 40 वर्षीय अर्चना शुक्ला और 22 वर्षीय दिव्यांश शुक्ला को भी चोटें आईं। इसके साथ ही एक महिला और युवक के सिर पर पत्थर लगने से खून बहा।
थाने में घुसी भीड़ और पुलिसकर्मियों पर हमला

दोपहर बाद करीब 200 लोगों की भीड़ ने अमिलिया थाने पर हमला कर दिया। भीड़ थाने में घुसी और थाना प्रभारी राकेश बेस व स्टाफ के साथ हाथापाई की। इस दौरान पुलिसकर्मी रामचरित्र पांडे और सतीश तिवारी घायल हुए हैं।
उपद्रवियों ने थाना परिसर में पथराव कर कार्यालय और विवेचक कक्ष में तोड़फोड़ कर दी, जिससे कक्ष के कांच टूट गए और वहां रखी सामग्री भी क्षतिग्रस्त हो गई। फिलहाल भारी पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।










