श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- महू। सैन्य क्षेत्र महू में मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आर्मी एस्टेब्लिशमेंट के भीतर नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। कार्रवाई में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से संदिग्ध अफीम, गांजा और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने एक बड़े सप्लायर के लिए काम करने की बात कबूल की है।
जानकारी के अनुसार, महू में पिछले कुछ वर्षों से सैन्य क्षेत्रों और स्थानीय बाजारों के आसपास नशीले पदार्थों की सप्लाई बढ़ रही थी। इसका असर वर्तमान में कार्यरत सैनिकों पर भी पड़ रहा था। आशंका थी कि कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो कैजुअल लेबर के रूप में सैन्य प्रतिष्ठानों तक पहुंच बना चुका है। इस संबंध में मिलिट्री इंटेलिजेंस और महू पुलिस लंबे समय से निगरानी कर रही थी।
बताया गया कि 16 अप्रैल को शाम करीब 5:20 बजे एक मुखबिर से सूचना मिली कि सुमित सुरवाड़े नामक युवक वाला पास इन्फैंट्री स्कूल के बाहर शाम 7:30 बजे अफीम और गांजा की खेप पहुंचाने वाला है। सूचना मिलते ही मिलिट्री इंटेलिजेंस और महू पुलिस की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई और क्षेत्र में घेराबंदी कर दी गई।
तलाशी के दौरान अफीम और गांजा मिला
शाम करीब 8:10 बजे बाइक क्रमांक एमपी 09 एपी 3741 वहां पहुंची। बाइक पर सुमित सुरवाड़े बीच में बैठा था और उसके साथ दो अन्य युवक भी थे। तीनों ने पहले आसपास रैकी की और फिर रात 8:15 बजे वालान्ग द्वार के पास रुक गए। इसी दौरान संयुक्त टीम ने तीनों को घेरकर पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान उनके पास से संदिग्ध अफीम, गांजा और पांच मोबाइल फोन बरामद हुए। पकड़े गए आरोपितों में सुमित पुत्र मनोहर सुरवाड़े (20) निवासी पीठ रोड, रोहित पुत्र सुभाष चौहान (19) निवासी पीठ रोड और प्रेम पुत्र विनोद कुमार (19) निवासी गाजी की चाल पीठ रोड शामिल हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच कर रही मिलिट्री इंटेलिजेंटस
पूछताछ में सामने आया कि सुमित और प्रेम पिछले दो वर्षों से स्टेशन मुख्यालय महू में कैजुअल लेबर के रूप में काम कर रहे थे। इस कारण उन्हें सैन्य प्रतिष्ठानों की कार्यप्रणाली और व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। मोबाइल फोन की जांच और सख्त पूछताछ में तीनों ने कबूल किया कि वे यादव मोहल्ला निवासी कलू उर्फ मुख्य सप्लायर के लिए काम करते थे, जो सैन्य प्रतिष्ठानों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करता है।
फिलहाल तीनों आरोपितों को पीएस महू की हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस अब इस पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं।









