श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- भोपाल। स्मार्ट मीटर के विरोध की रोजाना सामने आ रही खबरों के बीच सरकार ने भी स्वीकार किया है कि स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद अधिक बिजली बिल और फास्ट रीडिंग की 57 हजार से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। जिनका निराकरण किया गया।
जबलपुर और भोपाल संभाग में महज 30 प्रतिशत स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके। आंकड़ों की बात करें तो जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडौरी सहित आठ जिलों में पिछले तीन वर्षों में सात लाख 86 हजार स्मार्ट मीटर लगाएं गए हैं। जिसमें दो लाख 85 हजार 220 मीटर जबलपुर जिले में लगाए गए हैं।
बिजली चोरी के प्रकरणों में कमी आई

वहीं पिछले एक वर्ष में भोपाल में तीन लाख 53 हजार 592 और संभाग के रायसेन, रायगढ़, सीहोर समेत पांच जिलों में महज पांच लाख नौ हजार 19 स्मार्ट मीटर लगाए जा सके हैं। हालांकि स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद बिजली चोरी के प्रकरणों में कमी आई है। जबकि बिलिंग दक्षता में वृद्धि होने के कारण सरकार का राजस्व भी बढ़ा है।

राजस्व में 378 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई
जबलपुर संभाग में 314 करोड़ और भोपाल संभाग से विभाग के राजस्व में 378 करोड़ रुपये की वृद्धि भी हुई है। ये जानकारी विधानसभा में कांग्रेस विधायक आतिफ अकील के प्रश्न के लिखित उत्तर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दी है। कांग्रेस विधायक ने पूछा था कि भोपाल एवं जबलपुर संभाग में किन-किन जिलों में कितने-कितने प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। मीटर लगने के बाद से कितने शिकायतें शासन को मिली हैं।







