श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- शहडोल जिला और सत्र न्यायालय परिसर में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देश पर हुए इस फायर डेमो और सुरक्षा प्रशिक्षण में न्यायालय कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में सतर्क रहने और उचित प्रतिक्रिया देने का ट्रेनिंग दिया गया। इस अवसर पर सीजेएम राजेंद्र सिंह श्रृंगार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
ट्रेनिंग के दौरान फायरकर्मी मुनेश शर्मा ने आग की बुनियादी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग किन परिस्थितियों में भड़कती है, इसके विभिन्न प्रकार क्या हैं और शुरुआती क्षणों में किन सावधानियों से बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है। शर्मा ने लापरवाही, शॉर्ट सर्किट और ज्वलनशील पदार्थों के गलत उपयोग को आग लगने के प्रमुख कारण बताया।
फायरकर्मी ने अग्निशामक उपयोग का लाइव डेमो दिया
इसके बाद फायरकर्मी जफर खान ने ड्राई केमिकल, CO₂ और फोम जैसे विभिन्न प्रकार के अग्निशामकों के उपयोग और उनकी नियमित जांच प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने एक लाइव डेमो के माध्यम से प्रदर्शित किया कि आग लगने की स्थिति में सही अग्निशामक का चुनाव कैसे करें। जफर खान ने इस बात पर जोर दिया कि घबराहट में गलत उपकरण का उपयोग आग को और फैला सकता है, इसलिए कर्मचारियों को व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाना इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है।
कार्यक्रम में प्रभारी मो. इस्राइल, फायरकर्मी सहरोज अहमद, मुनेश शर्मा, जफर खान और ब्रजेश बड़ौलिया उपस्थित रहे। न्यायालय परिसर में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में कर्मचारियों को आत्मनिर्भर बनाना और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना था। कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लिया और कई व्यावहारिक प्रश्न पूछे।
नगर पालिका प्रशासन ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी विभिन्न शासकीय कार्यालयों में जारी रहेंगे। इसका लक्ष्य किसी भी संभावित घटना पर समय रहते प्रभावी ढंग से काबू पाना है।







