श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह -: शहडोल रेलवे स्टेशन इन दिनों अव्यवस्था का शिकार है। स्टेशन परिसर में आवारा मवेशियों और कुत्तों के जमावड़े के कारण यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर स्थिति विशेष रूप से खराब है, जहां मुख्य मार्ग से जानवर आसानी से पहुंच जाते हैं। स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण भी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
यात्री लगातार इस समस्या की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन रेलवे प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शहडोल से बिलासपुर की यात्रा कर रहे धारणीश सिंह ने बताया कि उन्हें करीब एक घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़े रहना पड़ा क्योंकि आवारा मवेशियों के कारण बैठना मुश्किल था। उन्होंने कहा, कभी गाय सामने खड़ी हो जाती है, कभी बैल रास्ता रोक लेता है। इतने भारी-भरकम जानवरों के बीच सुरक्षित खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है।
यात्रियों पर दौड़ पड़ते है आवारा मवेशी
पड़मनिया निवासी सुनीता बैगा का अनुभव और भी चिंताजनक रहा। अंबाला जाने के लिए प्लेटफॉर्म पर बैठी सुनीता की ओर एक मवेशी बढ़ आया। जब उन्होंने उसे हटाने की कोशिश की, तो उन्हें मारने के लिए दौड़ पड़ा। डर के मारे सुनीता को एक कोने में दुबकना पड़ा। उन्होंने कहा, यहां खुद को सुरक्षित महसूस करना मुश्किल है, कोई देखने वाला नहीं है।
महीनों से बनी अव्यवस्था, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
मवेशियों के अलावा, आवारा कुत्ते भी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बने हुए हैं। कुत्तों के झुंड प्लेटफॉर्म पर घूमते रहते हैं और खाने-पीने के सामान की तलाश में भटकते हैं। कई यात्री तो कुत्तों के लगातार पीछा करने के कारण खाने से भी कतराने लगे हैं। इस स्थिति से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई है। यहां महीनों से स्थिति बनी हुई है। हालांकि, इसके समाधान के लिए न तो कोई विशेष अभियान चलाया गया है और न ही सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है। यात्री स्टेशन प्रबंधन की इस उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं। निर्माण कार्य के कारण जगह-जगह बैरिकेडिंग और अव्यवस्थित मार्ग भी यात्रियों की परेशानी को बढ़ा रहे हैं।







