श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- शहडोल जिला और सत्र न्यायालय परिसर में संविधान दिवस के अवसर पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का थीम “संविधानः एक जीवंत दस्तावेज” था। प्रभारी प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश दीपाली शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।
मंच पर उनके साथ विशेष न्यायाधीश शिवभूषण शर्मा, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश कोल, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय केपी सिंह और सीजेएम राजेंद्र सिंह सिंगार सहित कई न्यायिक अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत सभी न्यायाधीशों के स्वागत और संविधान की उद्देशिका के सामूहिक वाचन से हुई।
न्याय का अधिकार संविधान से ही संभव हुआ
अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए न्यायाधीश दीपाली शर्मा ने कहा कि संविधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “न्याय का अधिकार और नैसर्गिक न्याय का सिद्धांत संविधान से ही संभव है। अंतिम पंक्ति में खड़े पक्षकार तक मौलिक अधिकार पहुंचें, यही हमारी जिम्मेदारी है।”
जिला वकील संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि यदि हम समता, समानता, न्याय और बंधुत्व को अपने जीवन में अपना लें, तो वास्तविक न्याय स्थापित हो सकता है। उन्होंने अधिवक्ताओं से संवैधानिक मूल्यों को व्यवहार में लाने का आह्वान किया।
संविधान दिवस को राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाने की आवश्यकता बताई
कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी संविधान की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रवीण सराफ ने संविधान दिवस को राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाने की आवश्यकता बताई, जबकि महेंद्र सराफ ने इसे केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की आत्मा की आवाज बताया। वरिष्ठ वकील अजय नामदेव ने कहा कि भारत का संविधान विश्व के श्रेष्ठ संविधानों की अच्छी बातों को समाहित कर बनाया गया है।
कार्यक्रम के दौरान न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया। प्रभारी प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश दीपाली शर्मा ने सभी चयनित अधिवक्ताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। सम्मानित होने वालों में रमेश त्रिपाठी, अमरेश श्रीवास्तव, शरद उदानिया, मनोज सोनी, नीरज अग्रवाल, अजय मिश्रा और संतोष जाटव सहित बड़ी संख्या में वकील शामिल थे।
कार्यक्रम का संचालन वकील सुमित शर्मा ने किया, जबकि वरिष्ठ वकील सतीश पाठक ने आभार व्यक्त किया।







