श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- सोशल मीडिया पर फेमस होने की चाहत में कई लोग ऐसे कदम उठा लेते हैं जो उन्हें सीधे पुलिस कस्टडी तक पहुंचा देते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है, मध्यप्रदेश के कटनी जिले से, जहां पांच युवकों ने ‘वायरल होने’ के चक्कर में पिस्टल से डराने वाला वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। लेकिन उनका यह स्टंट उन्हीं पर भारी पड़ गया।
घटना एनकेजे थाना क्षेत्र के तिलक कॉलेज रोड स्थित ‘लव बाइट कैफे’ की है। जानकारी के मुताबिक, कैफे को प्रसिद्ध करने के इरादे से वहां मौजूद चार कॉलेज स्टूडेंट्स और संचालक ने एक फेक वीडियो शूट किया। वीडियो में एक युवक पिस्टल (जो बाद में टॉय गन निकली) निकालकर दूसरे युवक के सिर पर तान देता है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कैफे में बैठे लोग घबरा गए और वहां अफरा-तफरी मच गई। वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होते ही तेजी से वायरल हो गया और पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। लोगों को लगा कि कैफे में कोई असली वारदात हुई है। मामला गंभीर देखते हुए एनकेजे थाना प्रभारी रूपेंद्र सिंह राजपूत ने तत्काल जांच शुरू की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी एसपी अभिनय विश्वकर्मा को दी।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि वीडियो पूरी तरह मनगढ़ंत था और युवकों ने इसे प्रसिद्धि पाने के लिए बनाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में सभी पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए युवकों में अंकित रजक, मन्नू, निलेश कुमार, ओम कोरी और कैफे संचालक अर्जुन पटेल शामिल हैं। पूछताछ में सभी ने अपनी गलती स्वीकार की और पुलिस कस्टडी में आते ही कान पकड़कर माफी मांगने लगे। एनकेजे पुलिस ने नकली पिस्टल जब्त कर ली है और चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कटनी पुलिस ने आम युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या भय फैलाने वाले वीडियो बनाना और अपलोड करना अपराध है। मनोरंजन की आड़ में कानून तोड़ने वालों को सख्त सजा मिलेगी।







