श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर वाले इस बिल के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिले की पंचायतों में भ्रष्टाचार की शिकायतें एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। ग्राम पंचायत भटिया के अंतर्गत एक बिल में 2500 ईंटों का मूल्य 1.25 लाख रुपये दर्शाने का मामला प्रकाश में आया है, जिसने सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप खड़े कर दिए हैं। इस मामले ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि आसपास के गांवों में भी इस भ्रष्टाचार के नित नये रूपों पर चर्चा का माहौल बना दिया है।
यह ईंट की खरीदी भाटिया गांव में बन रही आंगनबाड़ी के लिए किया गया था। ईंट की दर पांच रुपये नग है, जिसमें 2500 ईंटों का बिल 12500 रुपये होता है, लेकिन भुगतान 1,25000 किया गया है। अंकों और शब्दों में दोनों में 1,25000 का जिक्र है। बड़ी बात तो यह है कि इस बिल का भुगतान भी सप्लायर को कर दिया गया है। ग्राम पंचायत भटिया के सरपंच ने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया है, जबकि पंचायत सचिव से हमने जब संपर्क किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
पंचायत के इस घोटाले पर टिप्पणी करते हुए स्थानीय ईंट कारोबारी, लालन मिश्रा ने कहा कि जिले में ईंटों की कीमत 4 से 10 रुपये प्रति ईंट के बीच होती है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि 1,25,000 रुपये का भुगतान संभव नहीं है। यह भ्रष्टाचार की एक वारदात है। इस घटना के बाद, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने एसडीएम को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा, यदि भ्रष्टाचार की कोई भी गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी धन का दुरुपयोग न हो।
स्थानीय लोगों में इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी है। कई ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के भ्रष्टाचार से न केवल सरकारी धन की हानि होती है, बल्कि जरूरतमंद लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इस मामले के उजागर होने से पंचायत के कार्यों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
भ्रष्टाचार की यह नई परत उजागर होने के बाद, यह उम्मीद की जा रही है कि स्थानीय प्रशासन इस मामले की गंभीरता को समझेगा और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा। आने वाले समय में क्या सच्चाई सामने आएगी, यह देखने वाली बात होगी। जिले में पंचायत के बिलों में काफी भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। अभी बीते दिनों ही दो फोटो कॉपी का बिल चार हजार रुपये का भुगतान पंचायत ने किया था, यह बिल भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ अधिकारियों ने जांच की बात कही, लेकिन कार्रवाई अब तक शून्य है।







