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दो टमाटर से बना रहे 62 बच्चों का मध्याह्न भोज:शहडोल के कौआसरई स्कूल में एक कमरे में चल रही 5 कक्षाएं; शौचालय भी नहीं

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श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -:      शहडोल जिले आदिवासी बाहुल्य जयसिंहनगर क्षेत्र में पहले ऑयल पेंट घोटाले के बाद अब शिक्षा व्यवस्था की यह दुर्दशा सामने आई है। जहां करीब 62 बच्चों के लिए सिर्फ दो टमाटर से मध्याह्न भोज बनाया जा रहा है।

जयसिंहनगर ब्लॉक स्थित कौआसरई के प्राइमरी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति सामने आई है। वहीं एक कमरे 5वीं तक सभी कक्षाएं चल रही हैं। स्कूल परिसर में आवारा कुत्ते भी मौजूद रहते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा भी जोखिम में है।

मध्याह्न भोज और 75 जगह लीकेज

62 बच्चों के लिए स्कूल के जिस कमरे में मध्याह्न भोजन तैयार किया जा रहा है। वह पूरी तरह से जर्जर है। 50 स्क्वायर फीट के कमरे में 75 जगह से पानी की बूंद टपक रही है। पिछले चुनाव के समय एक गैस सिलेंडर यहां लीक हो गया था जिस कारण पूरा कमरा काल कोठरी की तरह हो गया है। इस बदहाल भवन में नौनिहालों के लिए मध्याह्न भोजन 2 टमाटर के साथ बनाया जाते हुए तस्वीर सामने आई है।

स्कूल परिसर के तीन भवनों का हाल

स्कूल परिसर में कुल तीन भवन हैं। एक भवन में शिक्षकों ने बच्चों की किताबें रख छोड़ी हैं जो अब तक वितरित होनी चाहिए थीं। लेकिन अब तक बच्चों को वितरित नहीं की गई।

दूसरा भवन अत्यधिक जर्जर अवस्था में है। इसकी छत से बारिश का पानी सीधे कमरों में आता है। भवन की बीम लटक चुकी हैं और प्लास्टर गिर रहा है। इस खतरनाक स्थिति के कारण इस भवन में कक्षाएं बंद कर दी गई हैं।

तीसरा भवन ही वर्तमान में उपयोग में है। जहां सभी कक्षाएं एक ही कमरे में संचालित की जा रही हैं। इस 12 बाई 20 फीट के कमरे में 62 बच्चे और उन्हें पढ़ाने वाले 3 शिक्षक एक साथ रहते हैं।

 महिला शिक्षक और बालिकाओं के लिए शौचालय नहीं

स्कूल में महिलाओं और बालिकाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। एकमात्र शौचालय बिना उपयोग के ही खंडहर हो चुका है। इसके कारण शिक्षिकाएं और छात्राएं स्कूल के पीछे पेड़ के नीचे खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। स्कूल में 30 से अधिक बालिकाएं, 2 महिला शिक्षक, 2 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक महिला सहायिका हैं।

नहीं दिया जा रहा बजट

स्कूल के हेड मास्टर दयानंद गौतम का कहना है कि हमने कई बार पत्राचार किया है, अधिकारियों से मिन्नत की है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हमें किसी प्रकार का कोई बजट भी नहीं दिया जाता, जिससे हम भवन का मरम्मत करा सकें।

जल्द करेंगे स्कूल का निरीक्षण

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी फूल सिंह परपाची ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना में यदि किसी प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही स्कूल का निरीक्षण कर जांच करेंगे।

Shreya News
Author: Shreya News

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