सीमा सिंह शहडोल -: राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने भी अपनी रिपोर्ट में अशोकागार्डन थाना पुलिस की आलोचना की थी। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने टीआइ को हटाने को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र का कहना है कि यह एक प्रशासनिक कार्रवाई है।
भोपाल। देशभर में चर्चित हुए राजधानी के चर्चित दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग कांड में लापरवाही बरतने पर अशोका गार्डन थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव को हटा दिया गया है। डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने अपने स्थानांतरण से ठीक पहले शुक्रवार को थाना प्रभारी को लाइन अटैच करने के आदेश जारी किए। हेमंत श्रीवास्तव पर हिंदू छात्राओं को निशाना बनाकर दुष्कर्म कर ब्लैकमेल करने वाले आरोपितों से जुड़े अन्य लोगों पर कार्रवाई न करने के आरोप थे। पीड़िताओं ने अपने बयान में टीआईटी कॉलेज में हिंदू युवतियों से संबंध रखने वाले पांच से छह मुस्लिम छात्रों के गिरोह से जुड़े होने का संदेह जताया था, लेकिन जब टीम वहां पहुंची तो संदेही गायब हो गए। बाद में पुलिस ने भी उनकी जांच में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

इन कारणों से हटे थाना प्रभारी
- केस दर्ज होने के बाद नबील और अबरार भागे
बागसेवनिया में 18 अप्रैल को केस दर्ज करने से पहले फरहान और साहिल के अलावा गिरोह के अन्य लोगों पर आरोप नहीं था। बाद में अशोकागार्डन में केस पहुंचने से पहले ही अबरार और नबील भोपाल से भाग गए।
- डेढ़ महीने बाद तक अबरार का सुराग न मिलना
केस दर्ज होने को डेढ़ महीने से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक अबरार का सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस उसे पश्चिम बंगाल के कोलकाता और बिहार के अलग-अलग ठिकानों पर ढूंढ चुकी है। अंदेशा है कि वह पुलिस से छुपने बांग्लादेश भाग गया है।
- टीआईटी कॉलेज के संदेहियों की जांच न करना
कॉलेज की पीड़िताओं ने कॉलेज में चल रहे लव जिहाद के पूरे रैकेट के बारे में बताया था, लेकिन पुलिस की टीम सिर्फ खानापूर्ति के लिए वहां पहुंची। जिन पांच-छह लोगों के नाम सामने आए थे, वे टीम के पहुंचने से पहले गायब हो गए। बाद में लापरवाहीपूर्वक उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
- एसआईटी ने की शिकायत, महिला आयोग भी जांच से नाखुश
प्रदेशभर में लव-जिहाद के मामलों की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के अधिकारियों ने भी अशोकागार्डन पुलिस की सुस्त कार्रवाई को लेकर पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी। साथ ही अशोकागार्डन थाने में दर्ज मामलों की जांच पर महिला आयोग की रिपोर्ट ने भी अंसतुष्टी जाहिर की थी।







