शैली पांडेय शहडोल पुलिस के अधिकारी ब्लैक आउट का पालन करवाने के लिए सड़क पर उतरते थे। अधिकारी बुलेट पर होते थे। आरक्षक और एसआई साइकिल पर चलते थे। घरों में लोग चिमनी, लालटेन जलाकर रखते थे। घर में खिड़कियों पर गीले बोरे या मोटे कंबल लटका दिए जाते थे, ताकि कहीं से भी रोशनी बाहर न झाँके। लोग टार्च तक का प्रयोग नहीं करते थे।
HighLights
1971 में भारत-पाक युद्ध के समय ब्लैक आउट होता था।
उस दौर के साक्षी लोग बताते हैं कैसे इसका पालन करते थे।
जैसे ही सायरन बजता था, सभी लोग तुरंत सतर्क हो जाते थे।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच ताजा खबर आधी रात में आई। इसमें पता चला कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया और इसमें 900 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है। इस खबर से पूरे देश में जश्न का माहौल है। आज देश के 300 जिलों में मॉक ड्रिल की जाएगी। मध्य प्रदेश के पांच जिलों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में शाम 4 बजे विशेष सायरन के साथ पहले से तय मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
यह ड्रिल युद्ध जैसे हालात में नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों की जांच के लिए होगी। शाम 7.30 बजे 12 मिनट के लिए ब्लैक आउट भी किया जाएगा। इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन स्तरों पर मॉक ड्रिल होगी। ब्लैक आउट के पहले एक सायरन बजाया जाएगा।







