सीमा सिंह शहडोल -: MP Board 10th 12th Result 2025: एमपी बोर्ड ने बीते दिनों छात्रों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया था। परिणाम जारी होने की सूचना सामने आने के बाद हेल्पलाइन पर कॉल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई। बच्चों ने कंफर्म किया कि परिणाम जारी होने की सूचना सही है या फर्जी। इस दौरान बोर्ड के काउंसलर ने भी पेरेंट्स को जरूरी सलाह दी।
- परीक्षापरिणाम को लेकर आए 1476 विद्यार्थियों के फोन
- सोशल मीडिया पर बोर्ड का फर्जी मैसेज भी हुआ वायरल
- परिणाम खराब आने पर आगे भी रहेंगे कई विकल्प
भोपाल (MP Board 10th 12th Result 2025): मप्र बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया गया है। परिणाम कैसा भी रहे, उसे सहज स्वीकार करें। अभिभावक भी बच्चों से उम्मीद करें, लेकिन दबाव नहीं बनाएं। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की हेल्पलाइन में काउंसलर ने अभिभावकों, विद्यार्थियों की काउंसलिंग की।
रिजल्ट को लेकर हेल्पलाइन में फोन की संख्या दो से तीन गुना रही। हालांकि सोमवार को परिणाम घोषित होने को लेकर मंडल का एक फर्जी आदेश इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से एक दिन में हेल्पलाइन में 1476 विद्यार्थियों के फोन आए।
सभी का एक ही सवाल था कि कितने बजे परिणाम आएगा, कौन से वेबसाइट पर परिणाम देख सकते हैं। साथ ही 90 फीसदी से अधिक विद्यार्थी ने परिणाम को लेकर तनाव से संबंधित सवाल पूछे।

बच्चों ने पूछे इस तरह के प्रश्न
- 12वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि अगर वह द्वितीय श्रेणी से पास होगा तो अभिभावक नाराज होंगे। आगे क्या विकल्प होगा। इस पर जवाब मिला- चाहे प्रथम या द्वितीय श्रेणी से पास हो। इससे फर्क नहीं पड़ता है। आगे करियर में आपके पास बहुत विकल्प हैं।
- 10वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि मेरा एक पेपर बिगड़ गया था, तो डर लग रहा है। कहीं परिणाम खराब ना हो जाए। जवाब मिला- आप बिल्कुल नहीं घबराएं, परिणाम अच्छा ही आएगा। आप द्वितीय परीक्षा देकर अच्छे अंक ला सकते हैं।
- 12वीं के विद्यार्थी ने पूछा- अगर अच्छे श्रेणी से पास नहीं हो पाया तो आगे क्या करूंगा। एक्सपर्ट ने जवाब दिया- अब सीखने पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। हर जगह नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा हो रही है, इसलिए श्रेणी से कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।
- 12वीं के विद्यार्थी ने पूछा- कुछ पेपर ठीक नहीं गए हैं। लगता है परिणाम बेहतर नहीं होगा। द्वितीय परीक्षा के बारे में बताइए। जवाब मिला- अगर श्रेणी सुधार करना है तो जुलाई में पूरक के बदले द्वितीय परीक्षा होगी। उसमें शामिल हो सकते हैं।
- 10वीं के विद्यार्थी ने पूछा- अगर परिणाम बेहतर नहीं आएगा तो क्या विकल्प है। जवाब मिला- जैसा भी परिणाम आए उसे स्वीकार करें और आगे की तैयारी करें। इसके अलावा द्वितीय परीक्षा दे सकते हैं।
यह परिणाम करियर में आगे बढ़ने की सीढ़ी है। इसे जीवन से बढ़कर नहीं मानना चाहिए। जो भी परिणाम आए उसे स्वीकार करें और आगे बढ़ें।अभिभावक भी बच्चों से उम्मीद करें, लेकिन उनका सहयोग करें। उन पर अधिक अंक के लिए दबाव नहीं बनाएं। -कविता चौबे, काउंसलर माशिमं हेल्पलाइन
काउंसलर की सलाह
- अभिभावक बच्चों का अंकों से आकलन न करें।
- कम अंक आने पर उनकी तुलना दूसरे बच्चों के साथ न करें।
- अभिभावक बच्चों पर अच्छे अंक के लिए दबाव ना डालें।
- जैसा भी परिणाम आए, विद्यार्थी स्वीकार करें।
- कभी भी निराश न हो, दोगुने उत्साह से जुट जाएं। बच्चों को उनके मन का करने दें।
- याद रखें कि यह सिर्फ अंकों का मूल्यांकन है, आपके बच्चे के सपनों या काबिलियत का नहीं।अगर अंक उम्मीद से कम हों, तो भी बच्चे को आपका सहयोग, प्यार और विश्वास चाहिए न कि ताने, तुलना या डांट। आपकी प्रतिक्रिया उनके आत्मविश्वास को या तो संवार सकती है या तोड़ सकती है। उन्हें बताएं कि वे जैसे भी हैं हमारे लिए खास हैं। -डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी सलाहकार मनोचिकित्सक







