सीमा सिंह शहडोल -: भोपाल के मिसरोद में एक पिता ने नवजात बेटे से मिलने की तड़प और नौकरी की मजबूरी के बीच फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 22 वर्षीय सौरभ उइके की पत्नी ने 15 दिन पहले मायके में बेटे को जन्म दिया था। सौरभ उसे देखने और घर लाने के लिए व्याकुल था, लेकिन होटल की नौकरी से उसे छुट्टी नहीं मिली।
- पत्नी ने मायके में दिया था बेटे को जन्म।
- वो अपने बच्चे का चेहरा देखना चाहता था।
- होटल मालिक उसे छुट्टी नहीं दे रहा था।
- नवजात बच्चे को देखने की तड़प और नौकरी की मजबूरी के बीच मिसरोद की नटराज कॉलोनी में रहने वाले एक पिता ने फांसी लगाकर जान दे दी। 22 वर्षीय सौरभ उइके की आत्महत्या ने एक बार फिर हमारे समाज की बेरहम व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी को उजागर किया है।
सौरभ की पत्नी ने करीब 15 दिन पहले मायके में एक बेटे को जन्म दिया था। सौरभ उसे देखने और घर लाने के लिए व्याकुल था, लेकिन कई बार छुट्टी की अर्जी लगाने के बावजूद उसे अपने होटल की नौकरी से छुट्टी नहीं मिली। व्यथित होकर सौरभ ने शनिवार को अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
मां ने फोन कर मालिक से मांगी थी छुट्टी
एसआई सूर्यनाथ यादव के अनुसार, सौरभ उइके मूलत: रायसेन जिले का रहने वाला था। वह नटराज कॉलोनी में रहते हुए समरधा स्थित एक होटल में काम करता था। करीब एक साल पहले उसकी शादी हुई थी।

चूंकि युवक की मां भी समरधा के एक अन्य होटल में काम करती है तो देखरेख के लिए पत्नी को गर्भावस्था के दौरान पिछले महीने मायके भेज दिया था। वहां करीब 15 दिन पहले उसने बच्चे को जन्म दिया।
छुट्टी नहीं मिल रही थी
युवक ने होटल मालिक से छुट्टी मांगी तो उसने इनकार कर दिया। शनिवार दोपहर वह काम से लौटा तो मां को फोन कर कहा कि वह बेटे को देखना चाहता है और पत्नी को लेने ससुराल जाना चाहता है, लेकिन छुट्टी नहीं मिल रही है। तब मां ने कहा कि वह उसके मालिक से बात कर लेगी।
कुछ देर बाद मां ने होटल मालिक से छुट्टी की बात कर ली और बेटे को यह बताने फोन किया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद मां ने अपने भाई को भेजा, वह घर गए तो सौरभ फंदे पर लटका मिला। पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है।







