सीमा सिंह शहडोल -: मध्य प्रदेश में तेंदुए के कथित शिकार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के शव से बदबू आ रही है, जिससे आशंका है कि कुछ दिन पहले शिकार किया गया होगा।
- धामनोद वन परिक्षेत्र की घटना
- पंजा कटा होने से उठ रहे सवाल
- 5-6 दिन पहले शिकार की आशंका
मंगलवार सुबह धामनोद वन परिक्षेत्र के अंतर्गत मांडू से लगे भडकला के जंगल में खाई में तेंदुए का क्षत विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृत तेंदुए का मुंह कुचला हुआ है और पैर का पंजा कटा हुआ है।
वन विभाग के अधिकारी सहित डॉक्टर की पैनल मौके पर पहुंची। विभागीय अधिकारी मामले की व्यापक स्तर पर जांच करने की बात कह रहे हैं।
ग्रामीणों ने दी वन विभाग को जानकारी
- घटना की जानकारी आसपास के ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दी गई। इसके बाद वन विभाग मांडू के रेंजर भुवनसिंह मंडलोई वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में धामनोद वन परिक्षेत्र की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची।
- ग्रामीणों सहित बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। मृत तेंदुआ खाई में पत्थर किनारे पड़ा हुआ था। शव बुरी तरह बदबू मार रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि यह शव पांच से छह दिन पुराना हो सकता है।
- जानकारों का कहना है कि तेंदुए का पंजा कटा हुआ है। ऐसे में लगता है कि उसका शिकार किया गया है। पैर का पंजा कटा हुआ है। इस कारण तांत्रिक क्रिया में उपयोग के लिए भी यह कृत्य किया जाना संभव है।

अधिकारी बोले- आपसी संघर्ष भी हो सकता है कारण
इस विषय में मांडू वन परिक्षेत्र अधिकारी मंडलोई ने बताया कि जांच के बाद स्थिति साफ होगी, पर जंगल में जानवरों की आपसी संघर्ष के कारण भी यह घटना हो सकती है। हमने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी है।
धामनोद वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक सिंह पटेल ने बताया कि धामनोद वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंच गई है। डॉक्टरों की पैनल द्वारा मौका मुआयना कर रिपोर्ट बनाई जाएगी। उच्च स्तर तक हम घटना की जानकारी पहुंचा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद फॉरेंसिक जांच भी होगी उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
धार वन मंडल अधिकारी अशोक सोलंकी ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच दल गठित कर रहे हैं। नियमानुसार कार्यवाही कर रहे हैं।








