सीमा सिंह शहडोल -: रुपये लेने के लिए प्रणीत और एक महिला मित्र को उनके साथ भेजा, जबकि पीड़िता युवती और कौशल सिंह पाल को वहीं पर रोक लिया। इस बीच दो आरोपित युवती को पास की पहाड़ी पर लेकर गए और उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। बाकी चार आरोपितों ने कौशल सिंह को पकड़ रखा था और उसके साथ मारपीट कर रहे थे।
- छह माह पहले हुई घटना में सत्र न्यायालय ने सुनाई सजा।
- 10-11 सितंबर की रात्रि में अंजाम दी गई थी चर्चित घटना।
- छठे नाबालिग आरोपित का प्रकरण बाल न्यायालय में है।
महू इन्फेंट्री स्कूल के दो ट्रेनी सैन्य अधिकारियों से लूट, मारपीट और उनकी महिला मित्र के साथ सामूहिक दुष्कर्म की छह महीने पहले हुई चर्चित घटना में सत्र न्यायालय ने छह में से पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। छठे नाबालिग आरोपित का प्रकरण बाल न्यायालय में अलग से विचाराधीन है। यह घटना 10-11 सितंबर 2024 की रात्रि को महू के जामगेट क्षेत्र स्थित सेना की फायरिंग रेंज में अंजाम दी गई थी।
- प्रकरण के अनुसार, घटना वाली रात करीब दो से तीन बजे के बीच महू इन्फेंट्री स्कूल के दो ट्रेनी सैन्य अधिकारी प्रणीत और कौशल सिंह पाल अपनी दो महिला मित्रों के साथ महू में जाम गेट के पहले सेना की फायरिंग रेंज में घूमने गए थे।
- इसी बीच वहां पहुंचे छह बदमाशों ने उन पर हमला कर लाठी-डंडे से मारपीट की। उनके पास से करीब आठ हजार रुपये, पर्स और मोबाइल छीन लिए।

- इसके बाद पिस्टल अड़ाकर 10 लाख रुपये की मांग की। रुपये लेने के लिए प्रणीत और एक महिला मित्र को उनके साथ भेजा, जबकि पीड़िता युवती और कौशल सिंह पाल को वहीं पर रोक लिया।
- इस बीच दो आरोपित युवती को पास की पहाड़ी पर लेकर गए और उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। बाकी चार आरोपितों ने कौशल सिंह को पकड़ रखा था और उसके साथ मारपीट कर रहे थे।
- पुलिस की जांच में आरोपित के रूप में अनिल बारोर, पवन बंसूनिया, रितेश भाभर, रोहित गिरवाल, सचिन मकवाना और एक नाबालिग सामने आए।
- पता लगा कि रितेश और अनिल पीड़िता ने युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया था।

- महू की बड़गोंदा थाना पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर एक माह में अपनी विवेचना पूरी करके 12 अक्टूबर 2024 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था।
- सुनवाई के बाद सोमवार को महू के चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रविशंकर दोहरे ने प्रकरण में निर्णय देते हुए पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
- इसके साथ ही सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को 50 हजार रुपये प्रतिकर और अन्य प्रभावितों को 10-10 हजार रुपये प्रतिकर देने के भी आदेश दिए हैं।







