सीमा सिंह शहडोल -: मिसरोद क्षेत्र में गठियावात से पीड़ित 56 वर्षीय सरजू पाटीदार ने आधी रात में दर्द से बचने के लिए दवाई की जगह गलती से चूहामार खा लिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी। इलाज के बावजूद दो दिन बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- उल्टी होने पर अस्पताल पहुंचाया गया।
- इलाज के दौरान सरजू की मौत हुई।
- पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
गठियावात बीमारी से पीड़ित एक महिला को आधी रात में तेज दर्द उठा, तो अंधेरे में दवाई की जगह जहर खा लिया। कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ना शुरू हुई तो परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां दो दिन इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई।
हैरान कर देने वाली यह घटना राजधानी के मिसरोद क्षेत्र की है। संजय नगर निवासी 56 वर्षीय सरजू पाटीदार लंबे समय से गठियावात बीमारी से पीड़ित थीं। एक संपन्न किसान परिवार से संबंध रखने वालीं सरजू पाटीदार ने कई बड़े शहरों में अपने रोग का इलाज करवाया, लेकिन फायदा नहीं मिला।
भूल में खा गईं चूहामार
बीते दिनों उनका शुगर लेवल बढ़ गया था, जिसके चलते डॉक्टर ने उन्हें गठियावात की दवाई खाने से मना किया था। 20-21 मार्च की रात करीब 3 बजे अचानक उनके जोड़ों में तेज दर्द उठा, तो वह अंधेरे में ही कमरे में रखी दवाई की भूल में चूहामार खा लिया।
अचानक होने लगी उल्टी
अचानक उल्टी होने से स्वजन उन्हें एम्स लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने जांच में शरीर में जहर होना पाया। अस्पताल से मिसरोद थाना पुलिस को सूचना मिली तो एएसआइ भागीरथ राय ने सरजू बाई के कथन लिए, जिसमें उन्होंने पूरी घटना बताई। शनिवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। रविवार को उनका पीएम करवा लिया है।







