Madhya Pradesh . 25 Jan 2025 . Saniya Ansari
मोहन यादव ने बताया कि वह राज्य में शराबबंदी करना चाहते हैं। इसकी शुरुआत 17 धार्मिक शहरों से की गई है। धीरे-धीरे पूरे राज्य में इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है।

गुजरात और बिहार के बाद मध्य प्रदेश में भी राज्य सरकार शराबबंदी की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद शराबबंदी का पूरा प्लान बताया है। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे करके राज्य शराबबंदी की तरफ आगे बढ़े, इसलिए सरकार ने पहले चरण में 17 धार्मिक शहरों में हमेशा के लिए शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आने वाले चरणों का प्लान विस्तार से नहीं बताया, लेकिन इस बात के संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ साल में मध्य प्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी हो सकती है।
लगभग एक दशक पहले बिहार में राज्य सरकार ने शराबबंदी करने का फैसला किया था। हालांकि, अभी भी बिहार शराब मुक्त राज्य नहीं बना है। यहां अवैध शराब की बिक्री के कई मामले सामने आते रहते हैं। कई मौकों पर जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत भी हुई है। बिहार की तुलना में गुजरात में बेहतर तरीके से शराबबंदी लागू की गई। यह राज्य देश के अग्रिणी राज्यों में से एक है।
नरसिंहपुर में किया था बड़ा ऐलान
गुरुवार (23 जनवरी) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर में शराबबंदी पर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा “मैं दोबारा बड़ा निर्णय कर रहा हूं। समाज में नशाखोरी की आदत खासकर शराब से परिवार के परिवार बर्बाद हो जाते हैं। यह बड़ा कष्ट का विषय है। शराब से सामाजिक बुराई आती है इसलिए हमने संकल्प लिया है कि हमारे सरकार के माध्यम से 17 अलग-अलग धार्मिक नगरी में शराबबंदी लागू होगी। धार्मिक शहरों के अंदर शराब की दुकानों पर ताले लग जाएंगे।”
17 नगरों में पूर्ण शराबबंदी
मोहन यादव ने गुरुवार को कहा, “मध्य प्रदेश के 17 धार्मिक शहरों और कस्बों में सभी प्रकार की शराब पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी जाएगी। हमारे खिलाड़ी भी जानते हैं कि नशा, खासकर शराब का सेवन, परिवारों को बर्बाद कर देता है। हमारे राज्य के 17 धार्मिक शहरों और कस्बों में सभी प्रकार की शराब, चाहे वह देसी हो या विदेशी, पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी जाएगी और यहां मौजूद सभी शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी।”
इन शहरों में बंद होंगी शराब की दुकानें
जिन 17 जगहों पर शराबबंदी की जाएगी, उनमें एक नगर निगम, छह नगर पालिका, पांच नगर परिषद और पांच ग्राम पंचायत हैं। इसके अलावा नर्मदा नदी के तट के दोनों किनारों पर पांच किलोमीटर के दायरे में पहले से लागू शराबबंदी नीति जारी रहेगी।







