Chhattisgarh . 09 Jan 2025 . Saniya Ansari
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अंबिकापुर में स्मार्ट बोर्ड खरीदी करने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है. जानकारी के अनुसार, इस खरीदी में कुल 48 लाख रुपये की गड़बड़ी की गई है. मामले में कुलपति ने जांच कराए जाने की बात कही है.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा (Surguja) जिले के संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी (Sant Gahira Guru University) से बड़ा घोटाला का मामला सामने आया है. यहां शिक्षा गुणवत्ता के लिए 2022 में सात स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड (Interactive Board) की खरीदी करने के मामले में लाखों रुपये का गोलमाल करने का आरोप लगा है. खरीदी में भारी भ्रष्टाचार का आरोप छात्र नेता रचित मिश्रा ने लगाया है. उनका कहना है कि बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर बोर्ड की खरीदी करते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भ्रष्टाचार किया है. सूचना के अधिकार के तहत जो दस्तावेज उन्हें मिले हैं, उससे यही साबित होता है. उन्होंने इस मामले की जांच के पश्चात करवाईक लिए विश्वविद्यालय के कलपति को ज्ञापन सौंपा है.
एक बोर्ड की कीमत थी लगभग 7 लाख रुपये…
अंबिकापुर के संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी में 12 अक्टूबर 2022 को शैक्षणिक विभाग ने निशा साइंटिफिक के साथ अनुबंध किया. इसके तहत 7 स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड का आर्डर किया गया था. इसमें हर एक स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड की कीमत 6 लाख 97 हजार 857 रुपये था. 7 नग स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड की कीमत 48 लाख 84 हजार 999 रुपये बताया गया. 4 नवंबर 2022 को संत विश्वविद्यालय ने इन पैसों का भुगतान किया. छात्र नेता ने बताया कि इस अनुबंध यंत्र पर कहीं पर भी स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड के विशेष विवरण (स्पेसिफिकेशन) के बारे में नहीं बताया गया है कि बोर्ड कौन सी कंपनी की है, कितने इंच की है.
खरीदे गए अनब्रांडेड बोर्ड
छात्र नेता का आरोप है कि संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा खरीदी गई यह स्मार्टबर्ड किसी ब्रांड की नहीं है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन बोर्ड बिलों में स्मार्टबोर्ड के संबंध में कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.







