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700 से अधिक CCTV, 150 ऑटो की जांच, दिल्ली के ITO में रूह कंपाने वाले गैंगरेप के आरोपी ऐसे चढ़े हत्थे..

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Delhi . 08 Nov 2024 . Saniya Ansari

पुलिस के अनुसार आरोपी प्रमोद ने 10 अक्टूबर को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास एक महिला को बैठे देखा था. उसने महिला के मानसिक रूप से अस्वस्थ्य होने का फायदा उठाते हुए शारीरिक रूप से दिव्यांग भिखारी शमसुल के साथ मिलकर उसका यौन उत्पीड़न किया.

 

Delhi High Court Upholds Conviction Of Three In Gang Rape Case

 

 

दिल्ली पुलिस को 11 अक्टूबर, 2024 सुबह 3.00 बजे के आसपास एक कॉल आता है, जिसमें कहा जाता है कि सराय काले खां इलाके में एक लड़की जिसने लाल रंग का कुर्ता पहना है, वो खून से लथपथ घूम रही है. ऐसा लग रहा है कि लड़की के साथ कुछ गलत हुआ है. फोन कॉल आते ही पुलिस तुंरत बताई गई जगह पर पहुंच गई और लड़की को अपने साथ दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले गई. डॉक्टरों ने जब लड़की की मेडिकल जांच की तो पाया कि लड़की के साथ गैंग रेप किया गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की.

 

मानसिक रूप से अस्वस्थ थी पीड़िता
जांच में पाया गया कि लड़की मानसिक रूप से अस्वस्थ है और ओडिशा की रहने वाली है. पुलिस ने जब लड़की से पूछा, तो उसने तीन उंगलियां उठाकर बताया कि तीन लोगों ने उसके साथ रेप किया है. पुलिस ने अब इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

 

  • पीड़िता ओडिशा की रहने वाली है और काफी पढ़ी लिखी है.
  • पीड़िता पहले शोधकर्ता के रूप में काम कर चुकी है.
  • आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कुल 10 टीम गठित की गईं
  • 700 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई
  • आरोपियों की पहचान प्रभु महतो, प्रमोद उर्फ ​​बाबू तथा मोहम्मद शमसुल के रूप में हुई है.
  • रेप के बाद पीड़िता को सराय काले खां के पास फेंक दिया था.
  • तीनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं.
  • पीड़िता अभी भी एम्स के मनोरोग विभाग में भर्ती है.
  • उड़ीसा के मुख्यमंत्री ने भी इस मामले में दिल्ली पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी थी.

 

अधिकारियों ने बताया कि 10 अक्टूबर को कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीड़िता का एम्स में उपचार किया जा रहा है. वह अपने परिवार को बताए बिना 9 मई को दिल्ली आ गई थी. जिसके बाद परिवार ने पुरी में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने बताया कि महिला के पास भुवनेश्वर स्थित उत्कल संस्कृति विश्वविद्यालय से सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर की डिग्री है, वह वहां शोधार्थी रही है तथा सामाजिक क्षेत्र में उसे आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है.

 

उन्होंने बताया कि कथित बलात्कार के एक दिन बाद उसे बचा लिया गया था, जब उसने प्रारंभिक बयान दिया था, लेकिन अपनी बीमारी के कारण वह पुलिस जांच या अस्पताल के कर्मचारियों के साथ आगे सहयोग नहीं कर सकी. बाद में एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में खुद को पेश करने वाले एक पुलिस अधिकारी ने एक मूल ओडिया भाषी की मदद से समय के साथ उसका विश्वास जीत लिया और उससे महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई. पहली गिरफ्तारी 30 अक्टूबर को की गई और उसके बाद अन्य दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया.

 

पुलिस के अनुसार, उन्हें 11 अक्टूबर को सराय काले खां इलाके में एक महिला के खून से लथपथ पड़े होने की सूचना मिली थी. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (दक्षिणपूर्व) रवि कुमार सिंह ने कहा, ‘‘पुलिस कर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, जहां पीड़िता को बहुत बुरी स्थिति में पाया गया और उसे मेडिकल जांच तथा देखभाल के लिए एम्स के ‘ट्रॉमा सेंटर’ ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने पर पीड़िता ने वहां मौजूद चिकित्सक को बताया कि तीन व्यक्तियों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया है.”

 

सिंह ने बताया कि प्रारंभिक बयान के बाद पीड़िता अपने स्वास्थ्य संबंधी कारण से जांच में सहयोग नहीं कर सकी. डीसीपी ने कहा, ‘उसकी प्रोफाइल की जांच करते समय, टीम को पता चला कि वह भुवनेश्वर में उत्कल यूनिवर्सिटी ऑफ कल्चर से सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर है. उसने विभिन्न विकास संगठनों में सक्रिय रूप से योगदान दिया है. उसने एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों के लिए कलिंग नेटवर्क में रिसर्च फेलो, स्वच्छता जागरूकता के लिए महिला शक्ति में सामुदायिक नेता और पुरी में वन स्टॉप सेंटर में काउंसलर के रूप में भी काम किया है.’ उन्होंने बताया कि वह नौ मई को अपने परिवार को बताए बिना दिल्ली आ गई थी. उन्होंने बताया कि उसके माता-पिता ने नौ जून को पुरी के कुंभारपाड़ा पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

 

 

लड़की को अकेला देख रची  यौन उत्पीड़न करने की साजिश

डीसीपी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी प्रमोद ने बताया कि उसने 10 अक्टूबर को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास एक महिला को बैठे देखा था. उसने महिला के मानसिक रूप से अस्वस्थ्य होने का फायदा उठाते हुए शारीरिक रूप से दिव्यांग भिखारी शमसुल के साथ मिलकर उसका यौन उत्पीड़न करने की साजिश रची. सिंह ने बताया कि वे उसे जबरन एक सुनसान इलाके में ले गए और अपराध को अंजाम दिया.

उन्होंने बताया कि इस घटना को ऑटो चालक प्रभु महतो ने देखा था और उसने भी उस लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया.

 

Shreya News
Author: Shreya News

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