SUBSCRIBE NOW

Home » शिक्षा » DU: विरोध के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी ने वापस लिया अपना बड़ा आदेश, सीनियर शिक्षकों पर बढ़ाया था वर्कलोड…..

DU: विरोध के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी ने वापस लिया अपना बड़ा आदेश, सीनियर शिक्षकों पर बढ़ाया था वर्कलोड…..

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Education (शिक्षा) . 17 Oct 2024 . Saniya Ansari

डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) के सचिव और एक अन्य शिक्षक ने कहा कि सरकार से अतिरिक्त शिक्षकों कि मांग करने के बजाय, मौजूदा शिक्षकों पर अधिक शिक्षण घंटो का बोझ डाला जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ये एक और हमला है। DUTA भी नीतिगत मुद्दों पर चुप है। 2018 के UGC विनियम (और 2010 से पहले के विनियम) ऐसा कोई भेद नहीं करते थे।


दिल्ली विश्वविद्यालय ने आलोचना के बाद मंगलवार को सीनियर फैकल्टी से सम्बंधित सर्कुलर वापस ले लिया। इस सर्कुलर में सीनियर फैकल्टी मेम्बर्स का वर्कलोड जूनियर समकक्षों के बराबर बड़ा दिया गया था। सोशल मीडिया पर शिक्षण कर्मचारी कि ओर से इस सर्कुलर की कड़ी आलोचना की गई थी।

विश्वविद्यालय प्रशाशन ने मंगलवार कि सुबह ही यह सर्कुलर जारी किया था। सर्कुलर में डीयू के कॉलेजों और विभागों के प्रिंसिपल्स और डायरेक्टर्स को डायरेक्शन दिया गया। निर्देशों में प्रोफेसरों और एसोसिएट प्रोफेसरो को वही कार्यभार सौपने कि बात की गई जो आमतौर पर असिस्टंट प्रोफेसर जैसे निचले स्तर के पदों को दिया जाता है।

यूजीसी के मानदंडों के अनुसार, वरिष्ठ संकाय सदस्यों को सप्ताह में 14 घंटे काम करना होता है, जबकि जूनियर संकाय को 16 घंटो का साप्ताहिक कार्यभार होता है। सर्कुलर में करियर अडवांस्मेंट स्कीम प्रमोशन का हवाल देते हुए वरिष्ठ पदों पर कार्यभार दो घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है।

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

Join Us