SUBSCRIBE NOW

Home » अपराध » सगे भाइयों की अर्थी देख नम हुईं आंखें

सगे भाइयों की अर्थी देख नम हुईं आंखें

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :-    बलबहरा घटना में मृत युवकों का हुआ अंतिम संस्कार

शहडोलः जिले की केशवाही पुलिस चौकी क्षेत्र के बलबहरा गांव में हुई दो सगे भाइयों की हत्या से पूरा परिवार सहमा और डरा हुआ है। इसी डर और दर्द के बीच गुरुकर की सुबह दो सगे भाइयों की अर्थी एक ही घर से निकली तो वहां अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखे भर आई। जवान बेटों की हत्या के कारण पिता का दर्द सभी को कचोट रहा था। भाई बहन, पत्नी, बच्चे व अन्य संबंधियों की रोने, बिलखने से माहौल ऐसा रहा कि जो भी वहां पहुंचा आंसू नहीं रोक पाया।

पूरे परिवार को दो जवान बेटों के मरने का दुख तो था ही लेकिन इससे अधिक पुलिस के रवैये को लेकर दुखी थे। घर से लेकर अंतिम संस्कार स्थल तक जो पहुंचा सबके मन में कहीं न कही यह बात खली कि पुलिस को अपराधियों का इस तरह से पक्ष नहीं

लेना चाहिए। बेचारा पिता पुरुषोत्तम तिवारी चीख-चीखकर यह कह रहा था कि उनके दो बेटों की जान चली गई और एक अस्पताल में जीवन मृत्यु से संघर्ष कर रहा है। चार पुत्रों के होते हुए उन्हें यह दिन देखना पड़ेगा. उन्होंने कभी सोचा नहीं था। इस घटना ने ऐसा दर्द दिया है कि जीवन पर्यंत नहीं भूलेगा। पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि अब ईश्वर ही न्याय करेगा। दरिंदों ने पुलिस की जानकारी में उनके बेटों को मार डाला।

पुलिस की कार्रवाई से संतुष्टि नहीं परिवार के अन्य सदस्य भी बिलख रहे थे, जिससे हर दिल पसीज रहा था। शांति से अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन पूरा परिवार सहमा हुआ है। हत्या के आरोपित अनुराग शमां और उसके चार साथियों को जेल भेज दिया गया है, लेकिन स्वजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। स्वजन के बयान और घटना के वीडियों से पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठ रहे हैं।

चौकी प्रभारी को सूचना देने के बावजूद मौके पर बल एक घंटे बाद पहुंचा। इसके बाद बुढ़ार पुलिस आई, जबकि आरोपित ने भागने के बजाय पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।

स्वजन ने लगाए गंभीर आरोपः स्वजन का आरोप है कि आरोपितों की पुलिस के साथ मिलीभगत से यह घटना हुई। इससे पहले आरोपितों के खिलाफ शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई पत्थरबाजी में भी पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध रही। लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा, फिर भी चौकी प्रभारी डटे रहे और हत्या की वारदात हो गई। अब जिले में पुलिस का भय अपराधियों में नहीं है। हत्याकांड का मुख्य आरोपित अनुराग शर्मा आदतन अपराधी था, फिर भी पुलिस उसके बचाव में खड़ी नजर आई। इस घटना में एक परिकर के दो जवान बेटों की असमय जान चली गई. जबकि एक अन्य जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। लोगों में पुलिस के प्रति गुस्सा बढ़ता

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

Join Us