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जीएसटी में राहत… गाड़ियां, टीवी, एसी से लेकर घी-पनीर तक हुए सस्ते, बाजार पर दिख रहा असर

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  श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -:    नई जीएसटी दरों ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों को भी बड़ी राहत दी है। वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं पर टैक्स घटाए जाने से ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ा है। इसका नतीजा बाजार में नजर आने लगा है।

ग्वालियर। नई जीएसटी दरों ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों को भी बड़ी राहत दी है। वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं पर टैक्स घटाए जाने से ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ा है। इसका नतीजा बाजार में नजर आने लगा है। नवरात्र से शुरू हुआ खरीदी का दौर अब दीपावली तक जारी रहने की उम्मीद है। सरकार ने टैक्स प्रणाली को सरल बनाते हुए अब केवल दो दरों को लागू किया है।

ग्राहकों को सीधा 10 प्रतिशत का फायदा

इससे न सिर्फ छोटी गाड़ियों, स्कूटी, बाइक और कारें सस्ती हुई हैं, बल्कि टीवी, एसी जैसे महंगे इलेक्ट्रानिक सामान पर भी ग्राहक को बचत हो रही है। वाहनों पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। इससे कार या बाइक खरीदने वाले ग्राहकों को सीधा 10 प्रतिशत का फायदा हो रहा है। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक 10 लाख रुपये की कार खरीदता है, तो उसे करीब एक लाख रुपये तक की बचत हो रही है। वहीं, टीवी और एसी जैसे प्रोडक्ट्स पर भी अब 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है, जिससे एक लाख के सामान पर 10 हजार रुपये तक की बचत हो रही है।

कार बाजार में बंपर सेल, कारोबारियों के चेहरे खिले

कार बाजार में ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि नवरात्र के पहले दिन ही ग्वालियर-चंबल अंचल में 700 से ज्यादा वाहन डिलीवर किए गए। अकेले ग्वालियर शहर में 500 गाड़ियों की डिलीवरी हुई। कारोबारियों के अनुसार मारुति की 60–70, महिंद्रा 40–50, टाटा 40–50, हुंडई 40 गाड़ियां बिकीं। किआ, एमजी और अन्य कंपनियों की गाड़ियों की भी अच्छी खासी बिक्री हुई।

रोजमर्रा की वस्तुएं भी हुई सस्ती

घरेलू उपयोग की चीजें जैसे घी, पनीर, मक्खन, नमकीन, ड्राय फ्रूट्स, जैम, केचप, काफी और आइसक्रीम अब सस्ती हो गई हैं। इन पर टैक्स घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे आम आदमी की रसोई का खर्च भी घटा है। इससे न केवल ग्राहकों का बजट संतुलित हुआ है, बल्कि खुदरा बाजारों में भी तेज़ी से बिक्री बढ़ी है।

रसोई का खर्च कम, बचत का अनुमान

– औसतन चार सदस्यीय परिवार को हर महीने 1,800 तक की राहत।

– सालाना 40 हजार तक की बचत संभव।

साबुन-तेल-शैम्पू पर भी राहत

– साबुन, तेल, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट और शैम्पू जैसी दैनिक आवश्यक वस्तुएं भी अब 18 की बजाय केवल पांच प्रतिशत टैक्स स्लैब में हैं।

– यदि कोई परिवार इन वस्तुओं पर महीने में एक हजार रुपये खर्च करता है

– पहले टैक्स = 180 अब टैक्स = 50

हर महीने 130 की बचत

कपड़े और जूते खरीदना अब और फायदेमंद

– रेडीमेड कपड़े और फुटवियर पर पहले 12 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक जीएसटी लगता था। अब इन्हें भी पांच प्रतिशत के स्लैब में शामिल कर लिया गया है।

यदि कोई परिवार महीने में पांच हजार रुपये के कपड़े-जूते खरीदता है : 

  • पहले टैक्स = 900
  • अब टैक्स = 250
  • मासिक बचत = 650
टीवी, एसी, फ्रिज जैसे महंगे सामानों में हजारों की राहत

– बड़े इलेक्ट्रानिक्स सामानों पर अब 28 प्रतिशत की बजाय 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।

कीमतों में संभावित गिरावट

32 इंच प्लस टीवी : दो हजार 500 से 85 हजार रुपये तक सस्ते।

विंडो एसी : चार हजार 500 तक

कम स्प्लिट एसी : पांच हजार 900 तक

सस्ता टावर एसी : आठ हजार 550 से 12 हजार 450 तक की कटौती

  • फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों में भी 10–15 प्रतिशत तक गिरावट
  • जीवनरक्षक दवाइयों पर टैक्स खत्म, कैंसर और डायबिटीज मरीजों को बड़ी राहत

– सरकार ने कैंसर सहित गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली 33 जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया है।

– पहले इन पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था

– डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप्स भी अब सस्ते

टैक्स में राहत से लौट आई बाजार की रौनक

इस बार बिक्री में 15 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। ग्राहकों की रुचि को देखते हुए दीपावली तक बंपर डिमांड बनी रहने की उम्मीद है। नवरात्र के पहले दिन शहर में करीब 500 वाहनों की बुकिंग थी। -हरिकांत समाधिया, डीलर, ऑटोमोबाइल।

जीएसटी दर कम कर सरकार ने राहत देने का काम किया है। वाहनों पर जीएसटी दर कम होने से काफी राहत मिली है। जरूरतमंद लोगों को इससे फायदा होगा। -पुष्पेन्द्र पाल, ग्वालियर।

पहले जीएसटी का नाम सुनते ही डर लगता था, अब इसमें बदलाव होने से राहत मिलने की उम्मीद बनी है। यह सही तरीके से लागू होने पर हम जैसे लोगों के लिए बेहतर होगा। -धर्मेन्द्र भार्गव, हरिशंकरपुरम।

Shreya News
Author: Shreya News

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