श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: शहडोल में सोमवार को तेज बारिश हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली। 1 जून से अब तक 1050 मिमी औसत बरसात हो चुकी है। बाणसागर बांध में पानी खतरे के निशान के पास है। जिले के तालाब, नदी-नाले लबालब हैं। जर्जर सड़कें और खराब हो गईं, आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।
शहडोल में सोमवार को सुबह से ही काफी उमस थी और गर्मी के कारण लोग बेचैन थे। दोपहर 12:30 बजे अच्छी झमाझम बरसात की शुरुआत हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। शहडोल जिले में 1 जून से लेकर अब तक 1050 मिली मीटर औसत बरसात हो चुकी है। पिछले साल की तुलना में यह काफी अच्छी बरसात है। इस बार सीजन शुरू होते ही बरसात ने अपना शानदार परफॉर्मेंस देते हुए लगातार बारिश का दौर जारी रखा है।
सितंबर महीने में हर दिन कभी तेज तो कभी धीमी बरसात हो रही है।कुल मिलाकर शहडोल में इस साल बरसात का सीजन काफी शानदार रहा है। भादो का महीना चल रहा है और यह महीना बरसात के लिए जाना जाता है और जिस तरह से बरसात हो रही है उसे लगता है कि पिछले सालों के रिकॉर्ड भी टूटेंगे। बाणसागर बांध में पानी की आवक बनी हुई है जिसके कारण अभी भी एक-एक मीटर दो गेट खुले हुए हैं। पानी खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है।
शहडोल जिले में अब तक की बरसात की स्थिति

शहडोल जिले में 1 जून से अब तक 1050 मिली मीटर औसत बरसात हो चुकी है। पिछले साल इस अवधि में 979 मिली मीटर औसत बरसात हुई थी। भूअभिलेख अधीक्षक ने बताया है कि अब तक सोहागपुर में 1143 मिलीमीटर, बुढार में 761 मिलीमीटर, गोहपारू में 1039 मिली मीटर, जैतपुर में 1225 मिमी, चन्मौड़ी में 1032 मिमी, व्यवहारी में 1056 मिमी और जयसिंहनगर में 1059 मिली मीटर बरसात हो चुकी है। बरसात का दौर लगातार जारी है जिले के सभी तालाब नदी नाले पानी से लबालब हैं।
लगातार बरसात होने से जिला मुख्यालय की जर्जर सड़कें और खराब हो गई हैं। सड़कों में बड़े गड्ढे हैं जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। बरसात का पानी इन गड्ढों में भर जाने से आवागमन में भारी दिक्कतों का लोग सामना कर रहे हैं।







