श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों से हालात बिगड़ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद, पीएम, राष्ट्रपति के निजी आवास में आग लगा दी और सुरक्षा बलों से उनके हथियार छीन लिए। उन्होंने 3 पूर्व पीएम के घर पर हमला भी किया।
पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आग लगा दी। इसमें उनकी पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार गंभीर रूप से जल गईं। उन्हें तुरंत कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
उधर, पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को उनके घर में घुसकर पीटा, जबकि वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को काठमांडू में उनके घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर मारा गया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी उनके सीने पर लात मारते हुए दिख रहा है।
देश में जारी हिंसक हिंसक घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया। सेना का एक हेलिकॉप्टर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गया।
राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में झड़पों और आगजनी में अब तक 22 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हैं।

नेताओं के साथ हिंसा की 3 फुटेज
1. पूर्व पीएम झालानाथ खनाल की पत्नी को जलाया

2. पूर्व पीएम देउबा और उनकी पत्नी को घर में घुसकर पीटा

3. वित्त मंत्री को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

नेपाल हिंसा की 10 फोटोज
1. संसद भवन फूंका

2. पीएम ओली का निजी आवास जलाया

3. राष्ट्रपति भवन में आग लगाई

4. गृहमंत्री के निजी आवास पर हमला

5. नेपाली कांग्रेस पार्टी ऑफिस में आगजनी

6. संसद भवन पर कब्जा

7. संसद भवन में लूटपाट

8. संसद भवन में उत्पात

9. सिंह दरबार में आगजनी

10. आर्मी PM ओली को सुरक्षित जगह ले गई

प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के सिंह दरबार में आग लगा दी है। सिंह दरबार में मंत्रियों के दफ्तर हैं। सेना ने यहां से मंत्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन चलाया।



पूर्व भारतीय राजदूत बोले- नेपाल हिंसा की असल वजह भ्रष्टाचार
नेपाल में सोशल मीडिया एप पर बैन लगाने से विरोध भड़क गया। पूर्व भारतीय राजदूत रंजीत राय ने इसे बेवकूफाना कदम बताया। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि कि असली गुस्सा बड़े नेताओं के भ्रष्टाचार और घोटालों से है। लोगों को लगता है कि बड़े नेताओं के परिवार लग्जरी जिंदगी जी रहे हैं, लेकिन युवाओं की फिक्र कोई नहीं कर रहा।
राय ने कहा- ओली सरकार ने सोशल मीडिया पर बैन लगाया, क्योंकि वे नेपाली कानून नहीं मान रहे थे। यह गलत फैसला था। लेकिन असल वजह भ्रष्टाचार है। ऊपरी पदों पर घोटाले हुए हैं।
उन्होंने बताया कि नेताओं के बच्चों (नेपो किड्स) के सोशल मीडिया पर लग्जरी दिखाने से लोग नाराज हैं। नेताओं को लगता है कि वे युवाओं की सुनते नहीं।
राय ने कहा कि जेन जेड आंदोलन बिना लीडरशिप का लगता है, लेकिन काठमांडू मेयर बालेन शाह, पूर्व चीफ जस्टिस और इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के हेड जैसे लोग इससे जुड़ गए हैं।







