श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल ;- भोपाल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शूटर्स पर कारतूस तस्करी की आशंका के चलते जिला प्रशासन और पुलिस टीम संयुक्त रूप से जांच कर रही है। 80 शूटर्स में से 32 से पूछताछ हो चुकी है, जबकि 48 शूटर्स से अभी पूछताछ बाकी है। इन शूटर्स से लाइसेंस, बंदूक और उपयोग किए गए कारतूसों का 10 साल का रिकॉर्ड मांगा गया है।
भोपाल। भोपाल जिले के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय शूटर्स पर कारतूसों की तस्करी करने की आशंका जताई जा रही है। यही कारण है कि उनसे जिला प्रशासन और पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से पूछताछ की जा रही है। दो दिन में टीम ने 32 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शूटर्स से पूछताछ कर ली है, जबकि 48 शूटर्स से पूछताछ की जानी बाकि है।
इन सभी शूटर्स से लाइसेंस, बंदूक और उपयोग किए गए कारतूसों का करीब 10 साल का रिकॉर्ड मांगा है। जिसे खंगालने के बाद पता चल सकेगा कि किन शूटर्स ने कारतूसों की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी की है, जिसके बाद उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्त करने सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि राजधानी में कुल 80 शूटर्स चिह्नित किए गए हैं, इनको संत हिरदाराम नगर तहसील में पेशी के लिए बुलाया गया
अब तक इन शूटर्स से हो चुकी है पूछताछ
एसडीएम रविशंकर राय के कोर्ट में एडीशनल डीसीपी दीपक नायक द्वारा शूटर्स से पूछताछ की जा रही है। सोमवार और मंगलवार को हुई पेशी के दौरान सैय्यद शमून बुखारी, पीयूष गोगिया, फैजल नईम खान, असलम परवेज, आमिर खान तलैया, सुबयबा बुखारी, सैय्यद आरेब परवेज, आराश हुसैन, अहमद नजीफ किदवई, निशात खान, फईम हसन, हसीब खान, सैय्यद फारुख हुसैन, सैय्यद शारिक बुखारी, जुबिया खान, सुलेम अली, शाहनवाज अली, शफीक खां, अनम वासिन, मारूफ मोहम्मद खान, प्रियांशु पांडे, उमर मोहम्मद, गोल्डी गुर्जर, अब्दुल अली, सैय्यद उमर हुसैन, करनजीत सिंह, फैजान खान, अरशद हसन, नासिर सादब अकबर, रविराज मिश्रा, सुमैया रेहमान और मुस्तफा अली ने अपने लाइसेंस, बंदूक और कारतूस का हिसाब-किताब टीम को सौंपा है।
दो दिन का समय फिर होगी कार्रवाई
जांच दल द्वारा 29 अगस्त तक शूटर्स से दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इस तरह अब 48 शूटर्स के पास दो दिन आज और कल का समय शेष रह गया है। इसके बाद शूटर्स के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा स्वयं निर्णय लेते हुए कार्रवाई की जाएगी।
गड़बड़ी होने की आशंका के चलते हो रही जांच
शूटिंग प्रतियोगिता के नाम पर कारतूसों में गड़बड़ी होने की आंशका के चलते जांच कराई जा रही है। जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर







