श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: नगर पालिका इन दिनों गहरे आर्थिक संकट से जूझ रही है, जिसके कारण दैनिक वेतन भोगियों से लेकर नियमित कर्मचारियों तक को वेतन में 2 से 3 महीने की देरी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति नगर पालिका के राजस्व में कमी और बकाया वसूली की प्रक्रिया पर निर्भरता के कारण उत्पन्न हुई है, जिसके चलते प्रशासन ने दुकानदारों से कड़ाई से बकाया किराया वसूलने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नगर पालिका में 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें नियमित और दैनिक वेतन भोगी दोनों शामिल हैं। इन कर्मचारियों के वेतन पर हर महीने करीब एक करोड़ रुपये खर्च होते हैं। पिछले कई महीनों से वेतन देने में परेशानी आ रही है। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि शासन से मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि का अधिकांश हिस्सा लोन और अन्य खर्चों में चला जाता है, जिससे वेतन का भुगतान करना मुश्किल हो गया है।
वसूली की प्रक्रिया तेज
हालात को सुधारने के लिए नगर पालिका ने बकाया वसूली की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। हाल ही में नगर पालिका के राजस्व अमले ने 7 दुकानों पर तालाबंदी की जिसमें बकाया राशि का भुगतान नहीं करने वाले दुकानदारों को शामिल किया गया। इनमें से नीरज सराफ, राजेश अग्रवाल और श्वेता पांडेय जैसे दुकानदार शामिल हैं, जिन पर लाखों का बकाया है।
बकाया राशि की समस्या
नगर पालिका के अनुसार 250 से अधिक दुकानें किराए पर संचालित की जा रही हैं, जिनका कुल किराया 90 लाख रुपये से अधिक है। इनमें से अधिकांश दुकानदार समय पर किराया अदा नहीं कर पा रहे हैं, जिसके कारण 50 लाख रुपये से अधिक का बकाया हो गया है। इस स्थिति ने नगर पालिका को मजबूर कर दिया है कि वह बकाया वसूली के जरिए ही कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर सकें।
कर्मचारियों की परेशानियां
दैनिक वेतन भोगियों के लिए हालात और भी गंभीर हो गए हैं, क्योंकि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। नियमित कर्मचारियों को भी 2 महीने से वेतन नहीं मिला है। इस विषय पर बात करते हुए नगर पालिका के एक कर्मचारी ने कहा कि हम रोज़ काम करते हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से हमारी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। हमें उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा। मुख्य नगर पालिका अधिकारी अक्षत बुंदेला ने बताया, हम बकाया वसूली पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि कर्मचारियों को जल्द से जल्द वेतन का भुगतान किया जा सके।







