श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल ;- Omkareshwar Temple: भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और मंदिर परिसर का फूलों से मनमोहक शृंगार किया गया। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन के साथ ही सजावट को निहार रहे हैं। ज्योतिर्लिंग के मूलस्वरूप का रजत मुकुट के साथ दोपहर में फूल, भांग और सूखे मेवों से शृंगार किया जाएगा।
खंडवा। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और मंदिर परिसर का फूलों से मनमोहक शृंगार किया गया। सुबह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के साथ ही सजावट को निहार रहे है। ज्योतिर्लिंग के मूलस्वरूप का रजत मुकुट के साथ दोपहर में फूल, भांग और सूखे मेवों से शृंगार किया जाएगा।
सोमवार को सुबह साढ़े चार बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर रहे है। सोमवार को परंपरा अनुसार भगवान ओंकारेश्वर और भगवान ममलेश्वर को पालकी में सवार कर नगर भ्रमण और नौकाविहार करवाया जाएगा।
पांच क्विंटल मिठाई का भोग
दोपहर तीन बजे मंदिर से भगवान ओंकारेश्वर पालकी में विराजमान होकर कर नर्मदा किनारे कोटीतीर्थ घाट पहुंचने पर पंडित राजराजेश्वर दीक्षित के आर्चायरत में भगवान का पूजन व और अभिषेक होगा। इसके पूर्व मंदिर में भोग आरती के समय पांच क्विंटल मिष्ठान का भोग लगाया गया।
भगवान ममलेश्वर का भी गोमुख घाट पर पूजन-अभिषेक हुआ। इसके बाद भगवान ओंकारेश्वर नौका विहार कर गोमुख घाट पहुंचेंगे। यहां से दोनों सवारियां बालवाड़ी से पैदल जेपी चौक जाएंगे। रात करीब साढ़े नौ बजे भगवान वापस मंदिर लौटेंगे।







