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10 महीने की बच्ची को नोंचते रहे चूहे, मां-बाप थिएटर की सीट के नीचे छोड़कर निकल गए… फिर ये डायरेक्टर बना भगवान

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  सीमा सिंह शहडोल -:    एक डायरेक्टर हैं जिन्होंने 20 साल की उम्र में ही बेटी को गोद लेने का फैसला लिया. आखिरकार उन्होंने शादी के बाद बेटी गोद भी ली. आज के समय में वह बिटिया रानी प्रोड्यूसर बन चुकी हैं. चलिए बताते हैं इस डायरेक्टर के बारे में.
कुछ फिल्मों सितारों की कॉन्ट्रोवर्सी से लेकर बवाल तक आपने खूब पढ़े और सुने होंगे. मगर कुछ सितारे ऐसे भी हैं जो एक मिसाल बन चुके हैं. जिनकी जितनी तारीफ करो उतनी कम है. ऐसे ही एक डायरेक्टर हैं जिन्होंने अमिताभ बच्चन से लेकर बॉबी देओल को लेकर फिल्में और वेब सीरीज बनाई हैं. बॉलीवुड का बड़ा नाम हैं. अगर कोई राजनैतिक या सामाजिक विषय की फिल्म है तो समझ लीजिए इसी डायरेक्टर की पेशकश है.
ये डायरेक्टर जब 20 साल का था तो इसने सोच लिया था कि शादी हो या न हो लेकिन ये एक बेटी को जरूर गोद लेगा. वो बेटी जो उनकी आंखों का तारा होगी. हुआ ये था कि वह एक फिल्म बना रहे थे अनाथ बच्चों पर. उस फिल्म को बनाने के दौरान उसे बेसहारा बच्चों के प्यार की अहमियत रपता चली. बस 20 की उम्र में ही इस डायरेक्टर ने बेटी को गोद लेने का विचार बना लिया था.

को गोद लेने का विचार बना लिया था.

कब लिया बेटी गोद लेने का फैसला
ये कोई और नहीं बल्कि नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर प्रकाश झा हैं जिन्होंने राजनीति से लेकर आश्रम जैसे प्रोजेक्ट को बनाया है. वह जब 20 साल के थे और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट में पढ़ रहे थे. तब उन्होंने ‘श्रीवत्स’ नाम की एक फिल्म में अनाथालय के बच्चों के साथ काम किया था. तब उन्हें इन बच्चों के लिए बहुत बुरा लगा था और उन्होंने सोच लिया था कि वह एक दिन बेटी जरूर गोद लेंगे.

पत्नी से हो चुका तलाक
प्रकाश झा ने एक्ट्रेस दिप्ती नवल संग शादी की. मगर तो भी वह बेटी को गोद लेने के बारे में बार बार सोच रहे थे. एक दिन हिम्मत करके उन्होंने अपनी पत्नी से कह ही दिया कि वह बेटी गोद लेना चाहते हैं. मगर सब कुछ तब तहस-नहस हो गया जब प्रकाश झा की पत्नी दीप्ति नवल का 8 महीने का मिसकैरेज हो गया. ये दर्द इतना था कि दोनों के रिश्ते पर भी आंच आ गई और दोनों अलग हो गए.

 

प्रकाश झा ने गोद ली बेटी
प्रकाश झा ने एक बिटिया को गोद लिया. लेकिन आपको सुनकर सिरहन पैदा होने लगेगी कि किस हालत में उन्होंने बच्ची को अपनाया था. साल 2015 में ‘पैरेंट सर्कल’ में छपे आर्टिकल में प्रकाश झा ने बेटी को गोद लेने का पूरा किस्सा बताया था. डायरेक्टर ने बताया था कि साल 1988 में उन्हें दिल्ली के अनाथालय से एक बच्ची को अडॉप्ट करने का मौका मिला.
थिएटर की सीट के नीचे मिली थी बच्ची
मगर बच्ची जिस हाल में थी उसे देख प्रकाश झा के आंखों में भी आंसू छलक आए. उन्हें बताया गया कि 10 महीने की बच्ची को कोई सिनेमाहॉल के सीट के नीचे छोड़ गया है. जहां चूहों-कीड़े-मकौड़ों ने काट लिया है. बच्ची को इंफेक्शन हो गया है और हालत ठीक नहीं है. प्रकाश झा ने जैसे ही ये बात सुनी वह तुरंत अनाथालाय पहुंच गए और बच्ची को घर ले आए. इसके बाद उन्होंने सबसे पहले बच्ची का इलाज करवाया और साथ ही गोद लेने की प्रक्रिया भी पूरी की.
क्या करती हैं प्रकाश झा की बेटी
प्रकाश झा के गोद लेने के फैसले में दीप्ति नवल ने भी उनका पूरा साथ दिया था. दोनों ने मिलकर बच्ची का नाम दिशा झा रखा. प्रकाश तो बेटी के आने से इतना खुश थे कि खुद बेटी को नहलाते धुलाते खिलाते पिलाते और सेट पर ले जाते थे. कहते हैं कि प्रकाश झा ने बेटी के एक साल के होने पर बेटी को अपनी मां के पास पटना छोड़ दिया और वहां एक एनजीओ की स्थापना भी की थी. मगर जब दिशा चार साल की हुई तो उनकी दादी की डेथ हो गई और फिर प्रकाश झा ने ही बेटी को संभाला था. आज के समय में प्रकाश झा की बेटी प्रोड्यूसर हैं. उन्होंने साल 2019 में पिता के साथ मिलकर फ्रॉड सैयां नाम की फिल्म प्रोड्यूस की थी. आज वह खुद का भी प्रोडक्शन हाउस पैन पेपर्स सीजन एंटरटेंमेंट चलाती हैं.
Shreya News
Author: Shreya News

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