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नवलसिंह सहकारी शक्कर कारखाना देश भर में बना टॉपर, दिल्ली में मिलेगा अवार्ड

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  सीमा सिंह शहडोल -:   बुरहानपुर का नवलपुर सहकारी शक्कर कारखाना फाइनेंशियल मैनेजमेंट में पूरे देश भर में अव्वल रहा है। तीन जुलाई को दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ द्वारा इस कारखाने को प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही इस साल किसानों को गन्ने की कीमत भी पिछले साल से अधिक दी जाएगी।

बुरहानपुर: जिले का नवलसिंह सहकारी शक्कर कारखाना एक बार फिर देश भर में टॉपर बना है। इस बार फाइनेंशियल मैनेजमेंट (अदर रिकवरी जोन) में यह कारखाना अव्वल आया है। तीन जुलाई को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कारखाने को राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ द्वारा प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

बता दें कि गत 12 जून को संघ ने पत्र भेज कर इसकी सूचना दी है। कारखाना प्रबंधन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के समस्त गन्ना उत्पादक किसानों को धन्यवाद ज्ञापित कर बधाई दी है। कलेक्टर एवं प्रशासक और संयुक्त आयुक्त एवं प्रबंध संचालक ने इसका श्रेय गन्ना उत्पादक किसानों व कारखाने के अधिकारी-कर्मचारियों को दिया है। इससे पहले भी कारखाने को वर्ष 2000 से 2023 तक लगभग 18 बार भिन्न-भिन्न राष्ट्रीय अवार्डों से सम्मानित किया जा चुका है।

इसे लेकर कारखाना प्रबंधन ने कहा है कि यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। कारखाने का पिराई सत्र 2024-25 गत 26 नवंबर 2024 को प्रारंभ होकर चार मार्च 2025 समाप्त हुआ था। जिसमें 2,19,631.833 मी. टन गन्ने की पिराई कर 2,46,925 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया गया था। इसकी रिकवरी 11.29 प्रतिशत रही जो पूरे मप्र में सर्वाधिक है।

पिछले साल से अधिक कीमत देने की घोषणा

कारखाने की ओर से वर्ष 2024-25 में गन्ना उत्पादक किसानों को दूरी के मान से 3710 रुपये प्रतिटन से 3804 रुपये प्रति टन के मान से गन्ने का भुगतान किया था। यह भी मप्र में सर्वाधिक था। वर्ष 2025-26 की दरें भी दूरी के मान से न्यूनतम 3879 रुपये प्रति टन व अधिकतम 4060 रुपये प्रति टन निर्धारित की गई है, जो पिछले साल से अधिक है।इसके साथ ही गन्ना बुवाई सत्र 2025-26 अर्थात पिराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का मूल्य न्यूनतम 4075 रुपये प्रति टन घोषित किया है। जिससे गन्ना कृषकों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। प्रबंधन ने किसानों से कहा है कि कारखाने को पूर्ण क्षमता से चलाने के लिए अधिक से अधिक गन्ना लगाकर क्षेत्र की आर्थिक संपन्नता में सहयोग करें।

Shreya News
Author: Shreya News

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