सीमा सिंह शहडोल -: Indore Budhni Rail Line: खबर मध्य प्रदेश के देवास से है। प्रोजेक्ट के लिए जो जमीन अधिग्रहित की जा रही है, वो कन्नौद विकासखंड क्षेत्र के बिजवाड़ के किसानों की है। किसान लंबे समय से इसका विरोध कर रहे हैं और भोपाल से लेकर इंदौर तक गुहार लगा चुके हैं।
देवास (Indore Budhni Rail Line)। इंदौर-बुधनी रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण (land acquisition) को लेकर किसानों के विरोध को दरकिनार करते हुए पुलिस प्रशासन और रेलवे की टीम द्वारा मंगलवार को सख्ती से काम शुरू किया गया। कन्नौद विकासखंड क्षेत्र के बिजवाड़ के समीप मंगलवार सुबह से कई थानों का पुलिस फोर्स और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू करते ही किसानों ने विरोध कर दिया। मौके पर मौजूद बुलडोजर के आगे कई महिलाएं व पुरुष लेट गए। पुलिसकर्मियों द्वारा मशक्कत करके इनको हटाया गया।

किसानों का आरोप- कम मुआवजा दे रही सरकार
किसानों द्वारा कम मुआवजा मिलने को लेकर पिछले करीब आठ महीने से जमीन अधिग्रहण का विरोध किया जा रहा था। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक गुहार लगाई थी।
पिछले दिनों दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के माध्यम से एक प्रतिनिधि मंडल रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मिला था। मंगलवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जब एसडीएम कन्नौद प्रवीण प्रजापति से चर्चा की तो उन्होंने कहा मुआवजे के संबंध में वरिष्ठ स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जमीन अधिग्रहण नहीं होने के कारण रेल लाइन का काम पिछड़ रहा है।

आठ गांवों के दर्जनों किसान है प्रभावित
जमीन अधिग्रहण से बिजवाड़ क्षेत्र के करीब आठ गांवों के दर्जनों किसानों की भूमि, खेत-खलिहान, पेड़, मकान आदि प्रभावित हो रहे हैं। जो मुआवजा किसानों को मिला है उसे बढ़ाने की मांग की जा रही है।

पिछले दिनों जमीन अधिग्रहण के लिए जब टीम पहुंची थी तो उस दौरान भी कुछ महिलाएं बुलडोजर के आगे लेट गई थीं उसी दौरान कन्नौद तहसीलदार अंजली गुप्ता व महिलाओं के बीच झूमाझटकी भी हुई थी। बाद में अधिग्रहण की कार्रवाई कुछ दिनों के लिए रोक दी गई थी।







