सीमा सिंह शहडोल -: छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक प्राथमिक केंद्र की लापरवाही सामने आई है, जहां नॉर्मल डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। बड़ी बात यह है कि यहां बिना डॉक्टर के डिलीवरी की गई थी। इसके बाद परिवार वालों ने प्राथमिक केंद्र पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
कोरबा: राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कोरवा परिवार की महिला महिमंगई और उसके नवजात बच्चे की अजगरबहार प्राथमिक केंद्र में मौत हो गई। इसके बाद परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्राम पंचायत चुहिया के भटगांव क्षेत्र में रहने वाले पहाड़ी कोरवा अमर सिंह की पत्नी महिमंगई को बीती रात प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वालों ने महतारी एक्सप्रेस 102 को कॉल कर उसे अजगरबहार प्राथमिक केंद्र पहुंचाया।
वहां ड्यूटी पर मौजूद भुवनेश्वरी चंद्रवंशी ने नॉर्मल डिलीवरी कराई। डिलीवरी के बाद कुछ समय तक जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और रात करीब 2.30 बजे उनकी मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि घटना के समय अस्पताल प्रभारी विमलेश्वरी अनुपस्थित थीं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप
उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज और रेफर किया जाता, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएन केसरी ने बताया कि महिला को प्रसव के लिए अजगरबहार स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। प्राथमिक जांच में बच्चा गर्भ में ही मृत पाया गया।
रेफर होने से पहले ही दम तोड़ चुकी थी महिला
अस्पताल में ही प्रसव हुआ, लेकिन रक्तचाप बढ़ने और एकलेशिया के कारण महिला को झटके आ रहे थे। बेहतर इलाज के लिए संजीवनी 108 को बुलाया गया, लेकिन महिला अस्पताल रेफर होने से पहले ही दम तोड़ चुकी थीं।













