शहडोल (सीमा सिंह) Ujjain Murder: उज्जैन के माकड़ौन गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया। यहां 11 साल की बेटी ने अपनी सौतेली मां से विवाद किया तो मां ने गुस्से में बेटी का गला घोंट दिया।
MP News: उज्जैन के माकड़ौन गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया। यहां 11 साल की बेटी ने अपनी सौतेली मां से विवाद किया तो मां ने गुस्से में बेटी का गला घोंट दिया। लड़की के पिता घर पहुंचते इसके पहले उसके गले में फंदा डाल लटका दिया, ताकि यह लगे कि लड़की ने सुसाइड कर लिया। इसके बाद महिला ने पति से आनन फानन में उसका अंतिम संस्कार भी करा दिया। अंतिम संस्कार के दौरान पड़ोसी और गांव के कुछ लड़कों ने उसका शव देखा तो शक हुआ।
पड़ोसियों ने गले पर देखे थे काले निशान, फोटो खींच पुलिस को दिए
माकड़ौन थाना पुलिस(Murder case in ujjain) ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव रावनखेड़ी में रहने वाले बालाराम की 11 साल की बेटी मधु की संदिग्ध मौत की खबर पुलिस को मिली थी। बालिका के फोटो और वीडियो मिले थे जिसमें उसके गले पर काले निशान थे। बालिका की मौत 11 मई को हुई थी। जानकारी लगी कि बालिका की हत्या उसकी सौतेली मां ने ही की है। इस जानकारी के बाद पुलिस ने बालाराम और उसकी पत्नी संगीता को राउण्डअप कर पूछताछ शुरू कर दी। जिसमें सामने आया कि बालिका की हत्या उसकी सौतेली मां सपना ने गला घोंट कर की थी। हालांकि महिला बार-बार अपने बयान बदल रही है।
मां के देहांत के बाद पिता ने की थी दूसरी शादी
पुलिस को गांव वालों से पता चला कि बालाराम की पत्नी का देहांत चार साल पूर्व हो गया था। इसके बाद उसने दूसरी महिला से शादी कर ली। बालाराम की पूर्व पत्नी से एक बच्ची मधु थी जो पिछले कुछ समय से अपने मामा के यहां माकड़ौन के दूसरे गांव में रहती थी। तीन माह पूर्व बालाराम ने मधु को अपने पास बुलवा लिया था। वह अक्सर बकरी चराने के लिए जाया करती थी। इस बीच उसकी सौतेली मां से काम को लेकर विवाद होता रहता था।
मुझे विश्वास नहीं कि मेरी पत्नी बेटी को मार सकती…
पूछताछ में आरोपी महिला ने पुलिस को बताया कि 11 मई को मधु ने उससे विवाद किया था। गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। महिला ने यह भी बताया कि पति के पहुंचने के पहले उसने बेटी को फंदे पर लटका दिया ताकि यह लगे की उसने आत्महत्या की। बालाराम ने पुलिस को बताया कि घर पहुंचा तो बेटी की लाश फंदे पर लटकी मिली। मैंने तो दरांते से फंटा काट कर उसे नीचे उतारा था। पत्नी ने कहा कि पुलिस केस ना बने इसके लिए जल्दी अंतिम संस्कार कर दो। हालांकि बालाराम का कहना है कि मुझे विश्वास नहीं है कि मेरी पत्नी बेटी को मार सकती है। बाद में मैंने गांव के लोगों के साथ मिलकर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।







