सीमा सिंह शहडोल-: शहडोल के बेम्हौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर आकाश साहू की लंबी अनुपस्थिति से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने डॉक्टर की गुमशुदगी के पोस्टर बस स्टैंड, ग्राम पंचायत कार्यालय और चौराहों पर लगा दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सप्ताह में दो दिन के लिए एक अन्य डॉक्टर की ड्यूटी लगाई है। लेकिन वह डॉक्टर भी सिंहपुर सीएचसी से बाहर नहीं निकलते। वे सिर्फ दस्तखत करने और औपचारिक बैठकों में शामिल होने आते हैं।
लोग झोलाछाप डॉक्टर से करा रहे इलाज
डॉक्टर साहू 6 महीनों से अस्पताल नहीं आए हैं। वे कभी-कभार सिर्फ मीटिंग में फोटो खिंचवाने आते हैं। इस कारण मरीजों को दूर के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। कुछ लोग झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाने को मजबूर हैं।
डॉक्टर को नोटिस मिला, फिर भी नहीं हुआ सुधार
पिछले महीने यह मुद्दा उठने के बाद सिंहपुर के बीएमओ डॉ. सुनील स्थापक ने डॉ. साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके बाद डॉ. साहू कुछ दिन अस्पताल आए, लेकिन नियमित नहीं आ रहे। वे वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होने का हवाला देते हैं।
कुछ अधिकारियों का कहना है कि डॉ. साहू अपने भाई के एसडीएम होने का हवाला देकर किसी की परवाह नहीं करते।
बीएमओ ने कहा- डॉ. आकाश साहू जिले में ही अटैच
सिंहपुर बीएमओ डॉ. सुनील स्थापक ने कहा कि वर्तमान में डॉक्टर्स की भारी कमी है, जिससे इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हो रही है। फिर भी मैं पूरे मामले की जानकारी ले रहा हूं। डॉ. आकाश साहू जिले में ही अटैच हैं।
ग्रामीण बोले- स्वास्थ्य विभाग ने ध्यान नहीं तो प्रदर्शन करेंगे
ग्राम पंचायत बेम्हौरी की सरपंच सरोज बैगा ने कहा कि यदि समय रहते विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में ग्रामीणजन व्यापक विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
ग्राम पंचायत बेम्हौरी के उपसरपंच जमुना प्रसाद सोनी ने कहा कि सरकारी योजनाओं और दावों के बीच अगर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस प्रकार डॉक्टर विहीन होकर ‘गुमशुदा पोस्टर’ का विषय बन जाए, तो यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
बेम्हौरी के हालात बता रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग को अब ‘फाइलों की जांच’ नहीं, जमीनी स्तर पर जवाबदेही तय करनी होगी।







