सीमा सिंह शहडोल -: शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र में एक रिटायर्ड कर्मचारी का बुधवार सुबह सोन नदी के तट पर शव मिला। मृतक राम खेलामन वासुदेव (63) रात 3 बजे अपनी पत्नी के साथ सोन नदी किनारे शौच के लिए गए थे। तभी अवैध खदानों में काम करने वाले कुछ लोग नदी के किनारे पहुंचे और उन्हें घसीट कर झाड़ियों की तरफ ले गए। बुधवार सुबह उनका शव नदी के किनारे मिला।
आक्रोशित परिजनों ने पुलिस को शव नहीं सौंपा, जबकि पुलिस पोस्टमॉर्टम के लिए अड़ी है। परिजनों का कहना है कि आरोपियों के घर गिराए जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पुलिस की कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। हालांकि पुलिस के लिखित आश्वासन के बाद परिजनों ने पीएम के पुलिस को शव सौंपा।
रिटायर्ड कर्मचारी का बुधवार सुबह सोन नदी के तट पर शव मिला। मृतक राम खेलामन वासुदेव (63) रात 3 बजे अपनी पत्नी के साथ सोन नदी किनारे शौच के लिए गए थे। तभी अवैध खदानों में काम करने वाले कुछ लोग नदी के किनारे पहुंचे और उन्हें घसीट कर झाड़ियों की तरफ ले गए। बुधवार सुबह उनका शव नदी के किनारे मिला।
आक्रोशित परिजनों ने पुलिस को शव नहीं सौंपा, जबकि पुलिस पोस्टमॉर्टम के लिए अड़ी है। परिजनों का कहना है कि आरोपियों के घर गिराए जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पुलिस की कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। हालांकि पुलिस के लिखित आश्वासन के बाद परिजनों ने पीएम के पुलिस को शव सौंपा।
मृतक को घसीट कर झाड़ियों की तरफ ले गए आरोपी
मृतक की पोती यशोदा वासुदेव ने बताया कि कोयले की अवैध खदानों में काम करने वाले कुछ लोग मेरे नाना राम खेलामन को घसीट कर झाड़ियों की तरफ ले गए। नानी ने राम प्रसाद चौधरी नाम के युवक को पहचान लिया है। उसके साथ तीन से चार लोग और थे, जो मेरे नाना को घसीट कर अंदर की ओर लेकर जा रहे थे।
रात भर पिता को खदानों में तलाशते रहे बेटे
मृतक के बेटे अंगद वासुदेव ने बताया कि रात में जब उसकी मां रोती हुई घर पहुंची तब उसने बताया कि पिता को कोई घसीट कर खदानों की तरफ ले गया है। उसके बाद हम लोग टॉर्च लेकर अवैध खदानों की ओर पहुंचे। रात भर लगभग दो दर्जन खदानों में टॉर्च मार कर देखते रहे लेकिन पिता कहीं नहीं मिले। इसके बाद बुधवार की सुबह 7 बजे पिता का शव सोन नदी के किनारे खून से लथपथ पड़ा मिला।
12 बजे तक नहीं उठाने दिया शव
वृद्ध का शव मिलने के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। दोपहर 12 बजे तक परिजनों ने शव को उठाने नहीं दिया। शव सोन नदी के किनारे ही पड़ा रहा। पुलिस शव उठाने के लिए परिजनों को समझाती रही लेकिन परिजन कड़ी कार्रवाई के लिए अड़े रहे। बाद में पुलिस ने संदेही राम प्रसाद को गिरफ्तार किया जिसके बाद परिजनों ने शव उठाने दिया।
12.30 बजे हाईवे कर दिया जाम
पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया। शहडोल से बटुरा होते हुए छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले हाईवे को नाराज ग्रामीणों ने बंद कर दिया। दूसरी तरफ नदी के तट से शव उठाने के बाद परिजन शव पुलिस को नहीं सौंप रहे थे। परिजन खुद शव उठाकर हाइवे की तरफ बढ़ रहे थे और जाम लगाने की तैयारी में जुटे थे।
सोन नदी के तट पर जब मृतक का शव रखकर विरोध कर रहे थे, तभी मौके पर जिला पंचायत सदस्य मन मोहन चौधरी भी पहुंचे। मृतक के परिजनों ने मौके से जिला पंचायत सदस्य को भगा दिया। कुछ महिलाओं ने जिला पंचायत सदस्य चौधरी के साथ हाथपाई भी की। माहौल बिगड़ते देख अमलाई थाना प्रभारी ने जय प्रकाश शर्मा ने खुद पुलिस कर्मियों के साथ चौधरी को पकड़ा और मौके से भगा दिया।
थाना प्रभारी शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य शराब के नशे में धुत थे। मृतक के परिजन उनका विरोध कर रहे थे कोई हंगामा नहीं हो इस कारण उन्हें वहां से भगाया गया।
नाराज परिजनों ने जिला पंचायत सदस्य को भगाया
सोन नदी के तट पर जब मृतक का शव रखकर विरोध कर रहे थे, तभी मौके पर जिला पंचायत सदस्य मन मोहन चौधरी भी पहुंचे। मृतक के परिजनों ने मौके से जिला पंचायत सदस्य को भगा दिया। कुछ महिलाओं ने जिला पंचायत सदस्य चौधरी के साथ हाथपाई भी की। माहौल बिगड़ते देख अमलाई थाना प्रभारी ने जय प्रकाश शर्मा ने खुद पुलिस कर्मियों के साथ चौधरी को पकड़ा और मौके से भगा दिया।
थाना प्रभारी शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य शराब के नशे में धुत थे। मृतक के परिजन उनका विरोध कर रहे थे कोई हंगामा नहीं हो इस कारण उन्हें वहां से भगाया गया।
भीड़ के बीच से निकल गया मंत्री का काफिला
नेशनल हाईवे पर जब शव रखकर परिजन हंगामा कर रहे थे तभी वहां से राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल का काफिला निकला। मौके पर भारी संख्या में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। परिजनों ने मंत्री के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल मौके पर नहीं रुके। उनका काफिला तेजी से कोतमा से शहडोल की तरफ बिना रुके खाना हो गया।
आरोपियों से है पुराना विवाद
मृतक की पोती यशोदा वासुदेव ने बताया कि नानी ने जिन लोगों को नाना को घसीटते देखा है उनसे हमारा पुराना विवाद था। शादी को लेकर कुछ पारिवारिक विवाद के कारण संदेहियों ने ही हमारे नाना को घसीट कर मौत के घाट उतार दिया है।
शव लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए रवाना हुई पुलिस, हाईवे से खुला जाम
नाराज परिजन पुलिस को शव लेकर नहीं जाने दे रहे थे। अमलाई थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने परिजनों को लिखित आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद परिजन माने और मृतक की बेटी पूजा शव वाहन में साथ बैठकर गई। इसके बाद हाईवे से शव हटाया गया और जाम खोलकर हाईवे से आवाजाही शुरू की गई।
अमलाई थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि एक वृद्ध की हत्या हुई है। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच में जुटी हुई है। परिजनों ने जिस पर संदेह जताया है उसे हिरासत में लिया गया है। कुछ परिजनों में चक्का जाम की स्थिति निर्मित की थी। उन्हें भी समझाइश देकर हाईवे शुरू कराया गया है।
संदेहियों के परिजनों ने अमलाई थाना का किया घेराव
अमलाई पुलिस ने हत्या के आरोप में जिन 4 संदेहियों को हिरासत में लिया है, उनके पक्ष में परिजन और ग्रामीणों ने अमलाई थाना का घेराव कर दिया है। परिजनों का कहना है कि पुलिस बिना किसी ठोस सबूत के उनके घरवालों को उठा लाई है। पुलिस ने जिन्हें संदेह में उठाया है उनमें राम प्रसाद चौधरी, उमेश चौधरी, मूलचंद चौधरी, रमेश चौधरी शामिल हैं।







