SUBSCRIBE NOW

Home » धर्म » Chaitra Navratri Special: देश के सबसे स्वच्छ शहर में ऐसा मंदिर, जहां माता को अर्पित फूल-पत्तियों से बनती है खाद

Chaitra Navratri Special: देश के सबसे स्वच्छ शहर में ऐसा मंदिर, जहां माता को अर्पित फूल-पत्तियों से बनती है खाद

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

  सीमा सिंह शहडोल -:   चैत्र नवरात्र में माता के मंदिरों में भक्तों की भीड़ है। यहां हम बताएं मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित माता के एक अनूठे मंदिर के बारे में। यह है विजय नगर चौराहा स्थित कालिका धाम। यह मंदिर 1940 में बनाया गया था।
  • चारभुजाधारी पांच फीट ऊंची है माता की मूर्ति
  • हर शनिवार माता को चढ़ती है नींबू की माला
  • इस नवरात्र में भी हो रहे हैं विशेष अनुष्ठान

 पूर्वी क्षेत्र के विजय नगर चौराहा स्थित कालिका धाम भक्तों के बीच आस्था का केंद्र है। यहां हर दिन होने वाला माता का मनोहारी श्रृंगार देखते ही बनता है।

मनोकामना पूर्ति के लिए माता को भक्त नींबू की माला चढ़ाते हैं। यह माला 11, 21 और 51 नींबू की होती है। हर शनिवार को करीब 400 से अधिक भक्तों द्वारा नींबू की माला अर्पित की जाती है। अर्पित नींबू का उपयोग फूल-पत्तियों के साथ खाद बनाने के लिए किया जाता है।

चारभुजाधारी पांच फीट ऊंची मूर्ति

यह देव स्थान 82 वर्ष पहले यानी 1940 से है। पहले यह बीआरटीएस से लगा स्थान 150 वर्गफीट का था। समय के साथ भक्तों के सहयोग से इस स्थान का विस्तार होता गया।

माता की यहां चारभुजाधारी पांच फीट ऊंची मूर्ति है। माता का यहां विराजित स्वरूप सौम्य है। उनके एक हाथ में खड्ग और दूसरे में नरमुंड है।

यहां भगवान शिव, ठाकुरजी, बालाजी और भैरव बाबा का मंदिर है। हर दिन विभिन्न धार्मिक आयोजन होते हैं। इसमें स्थानीय युवा उत्साह से भाग लेते हैं।

चैत्र नवरात्र में मंदिर को किले के स्वरूप में सजाया गया। इसमें हिंदुत्व के रक्षक योद्धाओं के जीवन चरित्र को दर्शाया गया है। साथ ही सवा लाख काली चालीसा का पाठ भी हो रहा है।

शतचंडी महायज्ञ एवं अखंड दुर्गा सप्तशती का पाठ महामाई के दरबार में योगी पीर रामनाथ महाराज के सानिध्य में हो रहा है।

बताते हैं कि काली चालीसा के पाठ से शत्रु का भय समाप्त होता है। चारों नवरात्र में यहां विभिन्न पूजन व उत्सव आयोजित होते हैं।

माता कालिका के उग्र, कृष्ण, सौम्य सहित कई स्वरूप है। कालिका धाम में सौम्य स्वरूप विराजमान है। भक्त उन्हें निहार कर भाव भक्ति में खो जाता है। यहां वर्षभर विभिन्न अनुष्ठान होते हैं। मां को अर्पित नींबू की माला फूल-पत्तियों की खाद्य में एसिड का काम करती है। निगम का वाहन इन मालाओं को लेने विशेष तौर पर आता है। – राहुल यादव, पुजारी

naidunia_image

माता का हर स्वरूप कल्याणकारी है। उनके पूजन से जीव को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। मैं नवरात्र में माता के दर्शन के लिए यहां अवश्य आती हूं। उनकी कृपा से मुझे निरंतर सफलता प्राप्त हो रही है। यहां हर दिन अलग-अलग होने वाला माता का शृंगार उत्साह से भर देता है। अन्य देवी-देवताओं के भी कई मंदिर हैं।

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

Join Us