सीमा सिंह शहडोल -: ईडी की जांच में पता चला कि सौरभ शर्मा ने अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों, सहयोगियों और कंपनियों, फर्मों, सोसाइटी के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इस मामले में पहले ही सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौड़ और शरद जायसवाल को गिरफ्तार किया जा चुका है, और वे न्यायिक हिरासत में हैं।
- मप्र परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक का केस।
- अब तक 100 करोड रुपए की संपत्ति अटैच।
- ईडी और आयकर विभाग कर चुका पूछताछ।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने माना है कि भोपाल में लोकायुक्त पुलिस छापे के अगले दिन कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड रुपए मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ही थे। उसकी ईडी ने सोना और नकदी सहित 92 करोड रुपये की चल अचल संपत्ति मंगलवार को जब्त कर ली है। इसके पहले की संपत्तियों को मिलाकर अब तक 100 करोड़ 36 लाख रुपये की संपत्ति अटैच व जब्त की गई है।

- ये संपत्तियां सौरभ शर्मा के स्वयं के नाम, उसके रिश्तेदारों व सहयोगियों के नाम और उनके नियंत्रित या स्वामित्व वाली फर्मों, कंपनियों या सोसाइटी के नाम पर अर्जित की गई थीं।
- इन संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत अटैच किया गया है।
- ये संपत्तियां सौरभ के करीबी शरद जायसवाल, चेतन सिंह गौड़, अविरल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, अविरल एंटरप्राइज़ेज प्राइवेट लिमिटेड, यूआर इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम हैं।
- बता दें कि ईडी ने लोकायुक्त पुलिस स्थापना, भोपाल द्वारा सौरभ शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी।
- इसके अलावा, पहले की गई तलाशी और जब्ती की कार्रवाइयों के दौरान 8.29 करोड़ रुपये की बैंक में जमा राशि वाले खातों को फ्रीज किया गया था।
- साथ ही 14.20 लाख रुपये नकद और 9.17 लाख रुपये मूल्य की चांदी जब्त की गई थी।







