सीमा सिंह शहडोल -: सूखीसेवनिया में ट्रेन की चपेट में आने से 11वीं के छात्र यश रघुवंशी की मौत हो गई। वह अपनी मौसी के घर से भोपाल लौट रहा था, लेकिन आउटर पर ट्रेन से उतरकर दूसरी ट्रैक पर पहुंच गया, जहां ट्रेन ने उसे रौंद दिया। परिजनों ने उसकी पहचान मरचुरी में की।
- ट्रेन के आउटर पर उतरने के बाद हादसा हुआ।
- यश के मामा को हादसे की जानकारी नहीं हुई।
- यश इकलौता बेटा था, परिवार पर दुख का पहाड़। सूखीसेवनिया के चौपड़ा कलां गांव के पास गुरुवार शाम ट्रेन की चपेट में आने से पीएनटी कॉलोनी नेहरू नगर निवासी 11वीं के छात्र यश रघुवंशी की मौत हो गई। वह आउटर पर ट्रेन रुकते ही ट्रेन से नीचे उतरकर दूसरी तरफ के रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था। उसी समय ट्रेन आने से वह चपेट में आ गया।
एसआइ गयाराम शाक्य ने बताया कि यश रघुवंशी विदिशा में रहने वाली मौसी के घर गया था। शाम करीब पौने पांच बजे उसके पिता ने उसे फोन किया। फोन पर यश ने कहा कि वह भोपाल पहुंचने वाला है। यह सुनते ही पिता भोपाल रेलवे स्टेशन लेने पहुंच गए। यश के साथ उसके मामा नीरज रघुवंशी भी थे, लेकिन ट्रेन में भीड़ भाड़ होने से वह दूसरे कोच में बैठे थे।
आउटर पर हुआ हादसा
सूखीसेवनिया आउटर पर ट्रेन रुकी और यश ट्रेन से नीचे उतर गया। उतरने के बाद दूसरी ट्रैक आ गया। वह कुछ समझ पाता इससे पहले ही ट्रेन ने उसे चपेट में लेकर निकल गई। यश के साथ हादसे का दर्दनाक पहलु यह भी है, दूसरे डिब्बे में सवार यश के मामा को पता हीं नहीं चला और वह भोपाल स्टेशन पर पहुंच गए।
ट्रेन पहुंची पर यश नहीं
- ट्रेन भोपाल स्टेशन पर पहुंची तो यश के मामा नीरज तो उसके पिता को मिल गए, लेकिन यश का पता नहीं था। नीरज से पूछा गया तो उसने बताया कि वह दूसरे कोच में बैठा था। पिता ने यश को फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल पर कॉल नहीं लग रहा था।
- वह जीआरपी थाने पहुंचे। यश के गुम होने की बात बताई। जीआरपी ने रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए, तो पता चला कि वह ट्रेन से भोपाल पहुंचा ही नहीं था।
- इस बीच आरपीएफ को सूचना मिली कि सूखीसेवनिया में चौपड़ा में थ्रू ट्रेन की चपेट में आने से किसी बच्चे की मौत हो गई। आरपीएफ की सूचना यश के परिजन मरचुरी पहुंचे और उसकी शिनाख्त कर ली। यश के पिता सुनील रघुवंशी निजी काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है। यश इकलौता बेटा था।







