Kerala . 06 Feb 2025 . Saniya Ansari
जहर देकर बॉयफ्रेंड की हत्या करने पर सत्र न्यायालय के मौत की सजा के फैसले को दोषी प्रेमिका ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोषी युवती ने अपनी याचिका में कहा है कि सत्र न्यायालय ने अपने फैसले में सजा को लेकर तथ्यों, सबूतों और कानून की अनदेखी की। याचिका में युवती ने कहा कि उसकी बात को निष्पक्ष रूप से नहीं सुना गया।

केरल में जहर देकर बॉयफ्रेंड की हत्या करने पर सत्र न्यायालय के मौत की सजा के फैसले को दोषी प्रेमिका ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोषी युवती ने अपनी याचिका में कहा है कि सत्र न्यायालय ने अपने फैसले में सजा को लेकर तथ्यों, सबूतों और कानून की अनदेखी की। याचिका में युवती ने कहा कि उसकी बात को निष्पक्ष रूप से नहीं सुना गया। मामले में केरल हाईकोर्ट ने युवती को दी गई मौत की सजा को लेकर सारे अभिलेख तलब किए हैं।
दोषी युवती ने यह अपील की
युवती ने यह भी कहा कि जांच की शुरुआत से ही मुझे बदनाम करने के लिए अभियान चलाया गया। इससे साफ है कि मुझे दोषी ठहराने और मौत की सजा देने के लिए अदालत पर दबाव डाला गया होगा। याचिका में युवती ने कहा कि उसकी बात को निष्पक्ष रूप से नहीं सुना गया। साथ ही मृतक जहर के कारण मरा था, इसका कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है।
आयुर्वेदिक टॉनिक के साथ दिया था जहर
ग्रीष्मा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) समेत अन्य धाराओं के तहत और उसके चाचा को आईपीसी की धारा 201 के तहत दोषी ठहराया गया है। मृतक की पहचान शेरोन राज के तौर पर की गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित को उसकी गर्लफ्रेंड ग्रीष्मा ने 14 अक्तूबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी के रामवर्मनचिराई स्थित उसके घर में जड़ी-बूटी नाशक आयुर्वेदिक टॉनिक के साथ जहर दे दिया। 23 वर्षीय राज की 11 दिन बाद 25 अक्तूबर को इस जहर के सेवन के बाद अस्पताल में कई अंगों की विफलता से मौत हो गई।
ग्रीष्मा ने हत्या की साजिश तब रची जब उसकी एक सैन्यकर्मी से शादी तय हो गई थी, लेकिन राज उससे रिश्ते खत्म करने से इनकार कर दिया था। आरोपी ने पहले भी जूस में पैरासेटामॉल टैबलेट में जहर मिलाकर राज को मारने की कोशिश की थी, लेकिन, राज ने कड़वे स्वाद के कारण जूस पीने से इनकार कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने अपराध को साबित करने के लिए डिजिटल और वैज्ञानिक सबूतों पर भरोसा किया।







