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Kerala: बॉयफ्रेंड की हत्या में मौत की सजा पाने वाली युवती पहुंची हाईकोर्ट, कहा- मेरी बात ठीक से नहीं सुनी गई………

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Kerala . 06 Feb 2025 . Saniya Ansari

जहर देकर बॉयफ्रेंड की हत्या करने पर सत्र न्यायालय के मौत की सजा के फैसले को दोषी प्रेमिका ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोषी युवती ने अपनी याचिका में कहा है कि सत्र न्यायालय ने अपने फैसले में सजा को लेकर तथ्यों, सबूतों और कानून की अनदेखी की। याचिका में युवती ने कहा कि उसकी बात को निष्पक्ष रूप से नहीं सुना गया।
girl who was sentenced to death for murdering boyfriend, reached the kerala HC, said- I was not heard properly

 

केरल में जहर देकर बॉयफ्रेंड की हत्या करने पर सत्र न्यायालय के मौत की सजा के फैसले को दोषी प्रेमिका ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोषी युवती ने अपनी याचिका में कहा है कि सत्र न्यायालय ने अपने फैसले में सजा को लेकर तथ्यों, सबूतों और कानून की अनदेखी की। याचिका में युवती ने कहा कि उसकी बात को निष्पक्ष रूप से नहीं सुना गया। मामले में केरल हाईकोर्ट ने युवती को दी गई मौत की सजा को लेकर सारे अभिलेख तलब किए हैं।

न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार और जोबिन सेबेस्टियन की पीठ ने राज्य सरकार से युवती ग्रीष्मा और उसके चाचा की दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ दायर अपील पर अपना रुख बताने के लिए कहा है। युवती ने याचिका लंबित रहने तक सजा को निलंबित करने की मांग भी की है। हालांकि हाईकोर्ट ने सबूत मिटाने के आरोप में तीन साल की सजा पाने वाले युवती के चाचा निर्मल कुमारन नैयर को राहत दी है। कोर्ट ने उसकी सजा निलंबित कर दी है। वह मौजूदा समय में जमानत पर बाहर हैं।

दोषी युवती ने यह अपील की

मौत की सजा पाने वाली युवती ने अपनी अपील में उच्च न्यायालय से कहा कि सत्र न्यायालय का फैसला और सजा तथ्यों, सबूतों और कानून के खिलाफ है। कोर्ट ने सबूतों के मूल्यांकन में गलती की है। युवती ने कहा कि इस मामले में नेय्याट्टिनकारा अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय को सजा सुनाने का अधिकार नहीं है। क्योंकि अपराध तमिलनाडु में पालकुल पुलिस के अधिकार क्षेत्र में हुआ था। युवती ने दावा किया कि अदालत ने फैसले में गलत कहा है कि युवती ने अपने बॉयफ्रेंड को प्रलोभन दिया था। जबकि सबूत कहते हैं कि मृतक बॉयफ्रेंड अपनी मर्जी से प्रेमिका के घर आया था। इसलिए प्रलोभन की कोई बात नहीं है। अदालत ने अपने फैसले यह बात बिना सबूत के कही है।

युवती ने यह भी कहा कि जांच की शुरुआत से ही मुझे बदनाम करने के लिए अभियान चलाया गया। इससे साफ है कि मुझे दोषी ठहराने और मौत की सजा देने के लिए अदालत पर दबाव डाला गया होगा। याचिका में युवती ने कहा कि उसकी बात को निष्पक्ष रूप से नहीं सुना गया। साथ ही मृतक जहर के कारण मरा था, इसका कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है।

20 जनवरी को नेय्याट्टिनकारा अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय ने 2022 में अपने बॉयफ्रेंड की हत्या के आरोप में मुख्य आरोपी (गर्लफ्रेंड) को मौत की सजा सुनाई थी। अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता से ज्यादा दोषी की उम्र पर विचार करने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि हत्या का तरीका बेहद क्रूर, वीभत्स और घिनौना था।

आयुर्वेदिक टॉनिक के साथ दिया था जहर

ग्रीष्मा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) समेत अन्य धाराओं के तहत और उसके चाचा को आईपीसी की धारा 201 के तहत दोषी ठहराया गया है। मृतक की पहचान शेरोन राज के तौर पर की गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित को उसकी गर्लफ्रेंड ग्रीष्मा ने 14 अक्तूबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी के रामवर्मनचिराई स्थित उसके घर में जड़ी-बूटी नाशक आयुर्वेदिक टॉनिक के साथ जहर दे दिया। 23 वर्षीय राज की 11 दिन बाद 25 अक्तूबर को इस जहर के सेवन के बाद अस्पताल में कई अंगों की विफलता से मौत हो गई।

ग्रीष्मा ने हत्या की साजिश तब रची जब उसकी एक सैन्यकर्मी से शादी तय हो गई थी, लेकिन राज उससे रिश्ते खत्म करने से इनकार कर दिया था। आरोपी ने पहले भी जूस में  पैरासेटामॉल टैबलेट में जहर मिलाकर राज को मारने की कोशिश की थी, लेकिन, राज ने कड़वे स्वाद के कारण जूस पीने से इनकार कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने अपराध को साबित करने के लिए डिजिटल और वैज्ञानिक सबूतों पर भरोसा किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Shreya News
Author: Shreya News

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