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सिंहस्थ 2028: इस पर्व से श्रद्धालु लेकर जाएंगे विरासत की विशेष यादें, जानें पुरातत्व विभाग क्या कर रहा तैयारी….

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Madhya Pradesh . 17 Dec 2024 . Saniya Ansari

सिंहस्थ 2028 पर्व से श्रद्धालु विरासत की विशेष यादें लेकर जाएंगे। पुरातत्व विभाग इसके लिए विशेष तैयारी कर रहा है।
सिंहस्थ 2028 से पहले क्षिप्रा नदी की धारा बहे निर्मल Sahara Samachaar

आस्थाओं का महापर्व सिंहस्थ 2028 इस बार कई नए रंग के साथ मनाया जाएगा। सरकारी व्यवस्थाएं इसके लिए अभी से जोर पकड़ने लगी हैं। देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालु मेहमान इस पर्व से कुछ खास यादें और अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए पुरातत्व विभाग ने भी खास तैयारियां अपने जिम्मे ली हैं। विभाग सिंहस्थ क्षेत्र के आसपास के कुछ हेरिटेज स्थलों का पूर्णोद्धार करने वाला है। करीब दस करोड़ रुपये से किए जाने इन कामों में जहां सौंदर्य को आगे रखा गया है। वहीं, यहां आने वाले मेहमानों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी खाका बनाया गया है।

जानकारी के मुताबिक, मप्र पुरातत्व विभाग ने इस सिंहस्थ पर्व से पहले उज्जैन शहर और इसके आसपास स्थित पांच विरासत स्थलों के जीर्णोद्धार की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें वीर दुर्गादास की राजसी छतरी, राम जनार्दन मंदिर, श्री चौबीस खंबा मंदिर, प्राचीन चामुंडा माता मंदिर गजनी खेड़ी और विश्व चस्तिका शामिल हैं।

पुरातत्व विभाग की मंशा 
पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि एमपी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का खजाना है, जो कई प्राचीन स्मारकों से सुसज्जित है। हमने इन अमूल्य रत्नों को पुनर्स्थापित और संरक्षित करने का काम शुरू किया है। सिंहस्थ से पहले, हमने विशिष्ट विरासत स्थलों का चयन किया है, जिन्हें पर्यटकों के लाभ के लिए विकसित किया जाएगा।

होंगे कई बड़े काम 
जानकारी के मुताबिक, पुनर्स्थापना और संरक्षण परियोजना में कई बड़े काम शामिल हैं। यहां होने वाले कामों में बुनियादी सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिनमें शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, बेंच, कुशल जल निकासी प्रणाली और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। 

Shreya News
Author: Shreya News

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