Ahmedabad . 04 Nov 2024 . Saniya Ansari
22 साल पहले पिता की हत्या के समय गोपाल सिंह महज 6 साल का था। तभी उसने अपने पिता की हत्या का बदला लेने का फैसला किया था। रिश्तेदारों से घटना की जानकारी लेकर गोपाल सिंह ने बदला लेने की ठानी। उसने पोखरण में अपनी टायर की दुकान से वक़्त निकल कर कई बार अहमदाबाद पंहुचा और नखतसिंह की जानकारी हासिल की।
गुजरात के अहमदाबाद से 22 साल पुराणी दुश्मनी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहा पिता की हत्या का बदला लेने के लिए हत्या की गई। घटना की सुचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्ज़े में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जाँच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला की बुलेरो चालक गोपाल सिंह ने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए यह कदम उठाया था
पुलिस के मुताबिक गोपाल सिंह के पिता हरिसिंह की 2002 में जैसलमेर में कार से कुचलकर हत्या करदी गई थी। इस वारदात में नखतसिंह भाटी समेत अन्य लोग भी शामिल थे। तब हरिसिंह और उनके भाई ने जैसलमेर में एक होटल खोला था और उसी होटल में खाने के बिल को लेकर हुए विवाद ने हिंसक माउद लिया था। झगड़े के दौरान, हरिसिंह को कार से कुचल दिया था। इस मामले में नखतसिंह और अन्य आरोपियों को सजा तो मिली, लेकिन बाद में हाईकोर्ट से जमानत पर नखतसिंह बहार आ गया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
इस मामले पर ज़्यादा जानकारी देते हुए एसीपी एमएस पटेल ने बताया की गोपाल सिंह ने पूरी योजना के तहत इस हत्या को अंजाम दिया। यह घटना बदले की भावना से प्रेरित है, जो 22 साल पुराने घाव से उपजी थी। यह मामला दर्शाता है कि समय बीतने के बावजूद कुछ घाव कभी नहीं भरते। बदले की आग कभी-कभी बेहद खतरनाक अंजाम तक पहुँच जाती है।







