Tripura . 04 Nov 2024 . Saniya Ansari
त्रिपुरा में नशे की लत के बढ़ते मामले ने राज्य में परिवारों की ज़िन्दगी पर असर डालना शुरू कर दिया है। त्रिपुरा में चार दिनों के अंदर इस तरह के दो मामले सामने आये है।
त्रिपुरा में नशे की लत के बढ़ते मामले ने राज्य में परिवारों की ज़िन्दगी पर असर डालना शुरू कर दिया है। त्रिपुरा में पांच दिनों के अंदर इस तरह के दो मामले आये है। नशे की लत में डूबे बेटे ने माता-पिता पर हमला कर उन्हें मार डाला। अगरतला के जोगेंद्र नगर के पास विद्यासागर इलाके में एक नशे की लत में डूबे अध्र्यजीत दास (28) ने मत्स्य विभाग के रिटायर कर्मचारी अपने पिता काजल दास (62) की हत्या करदी। त्रिपुरा में नशे की लत के बढ़ते मामले ने राज्य में परिवारों की ज़िन्दगी पर असर डालना शुरू कर दिया है। त्रिपुरा में चार दिनों के अंदर इस तरह के दो मामले सामने आये है।
हाल ही में काजल दास ने एक प्लाट बेचा था और उनके पास पैसा भी था, उनके बेटे ने पैसे के लिए उन पर दबाव बनाना शुरू करदिया था। कल यानि रविवार रात करीब 11 बजे उनका बीटा अध्र्यजीत घर आया और अपने पिता से पैसे हासिल करने की कोशिश की, जिन्होंने पैसे देने में असमर्थता जताई। पिता के इंकार से गुस्साए अध्र्यजीत ने नशे में अपने पिता की हत्या करदी।
जब तक पुलिस काजल दास के घर पहुंची, जब तक उनका बीटा अध्र्यजीत पूर्वी अगरतला पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर चूका था और उसने कुबूल करलिया था की उसने अपने पिता की हत्या की है।
इसी तरह एक और मामला
त्रिपुरा के बेलोनिया उपखण्ड में भारत चंद्र नगर पंचायत के अंतर्गत आदिवासी बहुल टाइचमा गांव में आदिवासी नागरिक मोनिराय (90) की 31 अक्टूबर की रत को उनके शराबी बेटे पुनिराय (51) ने इसी तरह उनकी हत्या करदी।
31 अक्टूबर की रात को पुनिराय शराब के नशे में घर लौटा और अपने पिता से झगड़ा करने लगा। जब बुजुर्ग मोनिराय ने इसका विरोध किया तो बेटे ने हथियार उठाकर अपने पिता के सर पर कई बार वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया।







