श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जयसिंहनगर स्थित आवासीय विद्यालय की दर्जनों छात्राएं विद्यालय की दीवार फांदकर 40 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर शहडोल जाने पर अड़ गईं। अधिकारियों ने बस से ले जाने की पेशकश की, लेकिन छात्राओं ने इससे इनकार कर दिया।
जिले के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों से छात्र-छात्राओं के अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर से मिलने पैदल निकलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह जयसिंहनगर स्थित आवासीय विद्यालय की दर्जनों छात्राएं अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर विद्यालय की दीवार फांदकर बाहर निकल गईं और पैदल ही शहडोल के लिए रवाना हो गईं। इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
छात्राओं के विद्यालय से निकलने की सूचना पर पुलिस, शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं को समझाने और उन्हें वापस विद्यालय ले जाने का प्रयास किया। यहां तक कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बस से शहडोल पहुंचाने की व्यवस्था करने की बात भी कही, लेकिन छात्राएं बस में बैठने को तैयार नहीं हुईं। उनका कहना है कि वे पैदल ही शहडोल पहुंचकर कलेक्टर से मुलाकात करेंगी और अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखेंगी।
जिले में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों से अलग-अलग आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों के छात्र-छात्राएं अपनी शिकायतें लेकर कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल निकल रहे हैं। इससे पहले बुढ़ार, जैतपुर और गोहपारू क्षेत्र में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब छात्र-छात्राएं पैदल शहडोल पहुंचे थे और कलेक्टर के सामने अपनी समस्याएं रखी थीं।
वहीं जयसिंहनगर से शहडोल की दूरी 40 किलोमीटर से अधिक है। इसके बावजूद छात्राएं पैदल जाने की जिद पर अड़ी हुई हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में छात्रावासों से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिनमें प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की गई है। इसके बावजूद छात्राओं का इस तरह विद्यालय छोड़कर कलेक्टर तक पहुंचने का प्रयास करना आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं और वहां विद्यार्थियों की शिकायतों के निराकरण पर सवाल खड़े कर रहा है












