श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल। संभागीय मुख्यालय से लगभग आठ किलोमीटर दूर माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास धुरवार की छात्राएं बुधवार को अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर के यहां पहुंच गईं। छात्रावास की व्यवस्था से परेशान छात्राएं पैदल ही चल पड़ीं। बीच रास्ते में विभागीय अमले ने छात्राओं को रोकने का प्रयास किया और उन्हें वाहन से कलेक्टोरेट तक ले जाने की बात की, लेकिन छात्राओं ने किसी की नहीं सुनी।
छात्राओं ने कलेक्टर को समस्याओं से कराया अवगत
पैदल चलकर कलेक्टर पार्थ जायसवाल के पास पहुंचीं और भोजन सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से कलेक्टर को अवगत कराया। छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर से सीधे बात करने की जिद पर थीं, जिसके चलते प्रशासनिक अमला भी उनके पीछे दौड़ता रहा। छात्राओं के इस तरह अचानक छात्रावास से निकलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचने से उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी इस परिसर की छात्राएं इसी तरह अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मिल चुकी हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
कलेक्टर ने जांच दल का गठन किया
pछात्राओं को एक बार फिर कलेक्टर तक अपनी समस्या बताने पैदल आना पड़ा। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने छात्राओं को अपने कक्ष में बुलाकर उनकी सभी समस्याएं सुनीं। सौहार्दपूर्ण बातचीत के बाद कलेक्टर ने तत्काल एक जांच दल गठित कर मामले की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने छात्राओं को समझाइश देकर वाहन से वापस विद्यालय भेजवाया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावासों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने बताया कि एसडीएम के माध्यम से जांच कराई जा रही है। तीन दिन में जांच के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई भी की जाएगी।












