श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जबलपुर। अपनी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन से एक गरीब पिता के बेटे ने लक्ष्य को साधते हुए पहली बार में ही नीट परीक्षा पास कर माता-पिता के सपनों को साकार किया।
बेटे ने गरीबी को हराकर नीट परीक्षा पास की
महत्वपूर्ण है कि जबलपुर का बेटा ओम चौकसे ने नीट परीक्षा पास कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। ओम के पिता फुटपाथ पर स्कूल बैग की दुकान लगाते हैं। अब बेटे ने गरीबी को हराकर नीट परीक्षा पास की है।
12वीं परीक्षा में प्रदेश के टाप टेन में था
12वीं में मध्य प्रदेश के टाप 10 छात्रों में जगह बनाने के बाद ओम ने पहली बार में नीट परीक्षा पास कर ली है। ओम 720 में से 521 अंक हासिल किए हैं।
पहले नीट में भी 625 अंक हासिल किए थे
ओम ने पहले नीट में भी 625 अंक हासिल किए थे लेकिन पेपर लीक की घटना से वह परेशान नहीं हुआ और तैयारी जारी रखी।
माॅडल का छात्र गरीबी में गुजर बसर
ओम एक बेहद गरीब परिवार से आता है और ओम ने माॅडल स्कूल में अपनी पढ़ाई करके परिवार का नाम रोशन किया है। स्कूल के सामने ओम के पिता फुटपाथ पर स्कूल बैग की दुकान लगाते हैं।
दुकान की आमदनी से परिवार का पालन-पोषण
दुकान से हुई आमदनी से अपना परिवार का पालन-पोषण करते हैं। गरीब होने के बावजूद भी ओम के हौसले बेहद बुलंद थे और उसने अपने पिता के संघर्ष को देखते हुए डाॅक्टर बनने का सपना देखा था।
दादी की हार्ट अटैक से मौत के बाद बुना सपना
ओम ने डाक्टर बनने का सपना तब देखा जब उसकी दादी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी और तय किया था कि वह एक अच्छा चिकित्सक बनेगा।
पिता की दुकान को खोलता, उसके बाद वह स्कूल जाता
ओम के दिन की शुरुआत रोजाना घर से निकलकर पहले अपने पिता की दुकान को खोलता, उसके बाद वह स्कूल जाता। शाम को दुकान बंद करके घर लौटता है।






