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बांधवगढ़ में मृत मिली बाघिन की शावक, सिर में फ्रैक्चर और शरीर पर मिले संघर्ष के निशान, जांच तेज

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श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर रेंज में एक मादा बाघ शावक मृत मिला। प्रारंभिक जांच में सिर में फ्रैक्चर तथा नाखून-दांत के निशान मिले हैं। शिकार के साक्ष्य नहीं मिले। वन विभाग ने जांच शुरू कर शव सुरक्षित रखा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के धमोखर रेंज से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को धमोखर रेंज की बीट धमोखर सीमा से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में एक मादा बाघ शावक मृत अवस्था में मिली। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृत शावक का सबसे पहले वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर ने निरीक्षण किया। प्रारंभिक परीक्षण में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर पाया गया। इसके अलावा मृत शरीर पर नाखून और दांतों के निशान भी मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि शावक किसी हिंसक संघर्ष का शिकार हुआ हो सकता है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को हर पहलू की गहन जांच करने और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं करने के निर्देश दिए। वन विभाग ने किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की संभावना को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी के निरीक्षण से पहले डॉग स्क्वाड की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन सर्चिंग कराई गई। साथ ही मेटल डिटेक्टर से भी घटनास्थल और आसपास के इलाके की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु, फंदा, हथियार या अन्य अस्वाभाविक सामग्री बरामद नहीं हुई, जिससे फिलहाल शिकार की आशंका की पुष्टि नहीं हो सकी है।
समयाभाव के कारण मृत शावक के शव को सुरक्षित संरक्षित कर लिया गया है। वन विभाग के अनुसार 18 जुलाई 2026 को विशेषज्ञों की उपस्थिति में शावक का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रचलित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार शावक का अंतिम संस्कार किया जाएगा तथा अन्य सभी आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि वन विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही शावक की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख बाघ अभयारण्यों में शामिल है। ऐसे में एक बाघ शावक की असामयिक मौत ने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों की भी चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें शनिवार को होने वाले पोस्टमार्टम और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

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Author: Shreya News

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