श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 16 से 22 जुलाई तक मध्यप्रदेश वन विभाग के 13 श्वान दलों का सात दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण होगा। आधुनिक ट्रैकिंग और वन्यजीव अपराध जांच तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा। प्रदेश के 18 श्वान दल अब तक 185 से अधिक मामलों और 570 से ज्यादा आरोपियों तक पहुंचने में मदद कर चुके हैं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण के बड़े आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। 16 से 22 जुलाई तक ताला स्थित वन विद्यालय में मध्यप्रदेश वन विभाग के श्वान दलों का सात दिवसीय राज्य स्तरीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण एवं वार्षिक समीक्षा कार्यक्रम आयोजित होगा। इस प्रशिक्षण में प्रदेश के अलग-अलग वन क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षित श्वान और उनके हैंडलर वन्यजीव अपराधों की जांच, ट्रैकिंग और आधुनिक तकनीकों का अभ्यास करेंगे।
इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न टाइगर रिजर्व और संरक्षित क्षेत्रों से कुल 13 श्वान दल भाग लेंगे। इनमें कान्हा, पन्ना, पेंच, सतपुड़ा, संजय टाइगर रिजर्व, वीरांगना दुर्गावती, माधव, गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य सहित रीवा, छिंदवाड़ा और बालाघाट के दल शामिल रहेंगे। प्रशिक्षण को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा ताकि प्रत्येक दल को बेहतर व्यावहारिक अभ्यास का अवसर मिल सके।
मध्यप्रदेश वन विभाग ने वर्ष 2010 में श्वान दलों की शुरुआत की थी। इस पहल में ट्रैफिक, सीमा सुरक्षा बल, टेकनपुर और मध्यप्रदेश पुलिस का सहयोग रहा। वर्तमान में प्रदेश में 18 श्वान दल सक्रिय हैं, जो वन्यजीव अपराधों की जांच और अपराधियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अब तक ये दल 185 से अधिक वन्यजीव अपराधों की जांच में सहयोग कर चुके हैं और 570 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम श्वान दलों की कार्यकुशलता को और अधिक मजबूत करेगा। आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित ये दल वन्यजीव अपराधों की जांच को तेज, वैज्ञानिक और प्रभावी बनाएंगे, जिससे प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और अपराध नियंत्रण की क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।







