श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरियाः नौरोजाबाद थाना अंतर्गत ग्राम नरंवार में जमीन के विवाद ने रिश्तों की कड़वाहट – को साइबर अपराध तक पहुंचा दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपित कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि फरियादी का चचेरा भाई ही निकला।
आरोप है कि उसने फरियादी के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई और उसी की पहचान बनकर लोगों को संदेश भेजने लगा। इस हरकत से फरियादी की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और उसके कई व्यक्तिगत व सामाजिक काम भी बिगड़ गए।
सगे भाइयों में विवादः
जानकारी के अनुसार फरियादी आशीष सोनी और आरोपित शिवम सोनी आपस में चचेरे भाई हैं। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों परिवार अब गांव में अलग-अलग स्थानों पर घर बनाकर रह रहे हैं। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते शिवम ने आशीष के नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाया, प्रोफाइल में आशीष की फोटो लगाई और खुद को आशीष बताकर कई लोगों से बातचीत करने लगा। इससे परिचितों के बीच भ्रम की स्थिति बनी और फरियादी की छवि को नुकसान पहुंचा।
थाने में दर्ज कराई शिकायतः
फर्जी आईडी की जानकारी मिलने पर आशीष सोनी ने तत्काल नौरोजाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपित की पहचान की तथा शनिवार को उसके विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा सहित कई मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है। इन धाराओं का संबंध पहचान का दुरुपयोग, छलपूर्वक प्रतिरूप धारण कर धोखाधड़ी, साइबर माध्यम से अपराध करने और संबंधित दंडनीय कृत्यों से है।
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान उपलब्ध, साक्ष्यों के आधार पर धाराओं की अंतिम प्रयोज्यता तय की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके नाम, फोटो या पहचान कां सोशल मीडिया पर कोई फर्जी अकाउंट बनाया जाए तो तुरंत संबंधित प्लेटफार्म, स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। किसी अन्य की पहचान का दुरुपयोग कर उसे बदनाम करना या लोगों को गुमराह करना गंभीर साइबर अपराध है, जिसके लिए कानून में कड़ी सजा का प्रविधान है।







