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कीचड़ में थमी एम्बुलेंस, कांधे पर अस्पताल पहुंची प्रसूता; वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्थाओं की पोल

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श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  उमरिया जिले के दूरस्थ बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से स्वास्थ्य व्यवस्था और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की हकीकत बयां करती एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को उसके परिजनों और ग्रामीणों ने हाथों और कांधों के सहारे उठाकर गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क निर्माण की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरा में रहने वाली एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी, लेकिन गांव तक जाने वाला मार्ग बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुका था। आरोप है कि खराब सड़क की वजह से एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी। मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों ने प्रसूता को कपड़े के सहारे उठाकर कई लोगों की मदद से मुख्य सड़क और नेशनल हाईवे तक पहुंचाया, जहां पहले से खड़ी एम्बुलेंस ने महिला को अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में महिला ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। हालांकि मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन गांव से अस्पताल तक पहुंचने के दौरान हुई परेशानी ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी।

 ग्राम देवरा उमरिया जिले की सीमा पर स्थित एक बैगा बहुल गांव है, जिसे सेना के शहीद स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है। बारिश के मौसम में गांव का संपर्क लगभग कट जाता है और मरीजों, गर्भवती महिलाओं तथा स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीणों के मुताबिक प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और कथित लापरवाही के कारण आज भी लोगों को कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सड़क समय पर बन जाती तो एम्बुलेंस सीधे महिला के घर तक पहुंच सकती थी और इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होती।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का दावा करती है, तब एक प्रसूता को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को कांधों का सहारा क्यों लेना पड़ा।

यह घटना केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि उन दूरस्थ क्षेत्रों की तस्वीर है जहां आज भी खराब सड़कें और अधूरी बुनियादी सुविधाएं लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।

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Author: Shreya News

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